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बैटरी चुराने वाला राज्यस्तरीय गिरोह पकड़ाया

30 लाख रुपए की बैटरी जब्त कर सात लोगों को किया गिरफ्तार

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन पुलिस टीम ने शहर में करीब 3 थाना क्षेत्रों के मोबाइल टॉवरों से हुई बैटरी चोरी की वारदात में तलाश करते हुए राज्य स्तरीय चोर गिरोह को पकड़कर अनेक शहरों में हुई वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 30 लाख रुपए की बैटरी सहित अन्य सामान जब्त किया है।

इन थानों में दर्ज हुए थे मामले

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12 फरवरी को ग्राम चंदेसरा में स्थित इंडस टॉवर लिमिटेड कंपनी के मोबाइल टॉवर के कैबीन तोड़कर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा 24 बैटरियां चुराई गई थी। इंडस कंपनी के प्रबंधक की रिपोर्ट पर थाना नागझिरी पर धारा 379 का केस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। इसी तरह की बैटरी चुराने वाली घटनाएं थाना नरवर, थाना चिंतामण व थाना पंवासा में लगे मोबाइल टॉवर से भी घटित हुई थी। उक्त घटनाओं में थाना नागझिरी एवं सायबर की टीम को लगाया गया था, टीम के द्वारा मुखबिर सूचना पर घेराबंदी कर घटना को अंजाम देने वाले पांच आरोपी एवं चोरी का माल खरीदने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिसमें योगेश पटेल, हुसैन खान, अभिषेक सोलंकी, हरिओम जोशी, अभय तंवर, शहनवाज खान, अब्दुल रहीम को शामिल है।

इन शहरों में चोरी की घटना को अंजाम दिया

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पुलिस ने आरोपियेां से चोरी गई 72 बैटरी, केबल, घटना में प्रयुक्त एक स्कॉर्पियों कार तथा एक आर्टिगा कार जब्त किया है। आरोपी पूर्व में भी चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। आरोपियों ने जिला इंदौर, देपालपुर, देवास, महूं पेटलावद, धार आदि स्थानों पर भी घटना घटित करना बताया है। टीम द्वारा पांच आरोपी जिनके द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था एवं उक्त चोरी के माल को खरीदने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पूर्व कर्मचारी गैंग बनाकर करता था वारदात

पुलिस ने बताया कि गिरोह का सरगना योगेश पूर्व में मोबाइल टॉवर लगाने एवं हटाने का काम करता था। विगत एक वर्ष से टॉवर लगाने का कंपनियों से ठेका लेता था अन्य आरोपी भी इसकी साइट पर काम करते थे। इसी दौरान पूरी गैंग एक-दूसरे के संपर्क में आई और टॉवर में लगने वाली बैटरी एवं अन्य सामग्री की जानकारी उन्हें पूर्व से थी। आरोपियों ने सेल्फ ड्राइव कंपनी से कार किराये पर लेकर दिन के समय सुनसान स्थानों पर लगे मोबाइल टॉवर एवं आसपास के क्षेत्र में रैकी करने के बाद रात के समय वारदात को अंजाम दिया जाता था। योगेश सेफ्टी बेल्ट पहनकर टॉवर पर चढ़कर सायरन के सेन्सर को निष्क्रिय करता था जिससे सायरन नहीं बजे और उसके बाद आरोपी कटर, पेचिस आदि उपकरणों से टॉवर की कैबिन को तोड़कर उसमें रखी बैटरियां चुराकर चार पहिया वाहन से इंदौर ले जाते व स्क्रैप की दुकान पर बेच देते थे।

सरगना और गैंग के यह हैं आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस ने बताया कि योगेश पिता रामप्रसाद पटेल 33 वर्ष निवासी ग्राम कुरावन थाना श्यामगढ़ जिला मंदसौर हालमुकाम कालींदी गोल्ड सिटी बायपास इंदौर के वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2022 तक मंदसौर के थाना नाहरगढ़, सुवासरा, श्यामगढ़, सीतामऊ, गरोठ, नर्मदानगर, रिंगनोद में चोरी सहित अनेक मामले सामने आये हैं जबकि हुसैन पिता छोटू खां निवासी अजयपुर सुवासरा के खिलाफ मंदसौर जिले के विभिन्न थानों में चोरी सहित अलग-अलग कुल 19 केस दर्ज हैं।

इन थानों की वारदातों का हुआ खुलासा

चोरों ने नरवर, पंवासा, नागझिरी, चिंतामण, महू इंदौर, तेजाजी नगर इंदौर, भंवरकुआं इंदौर में विगत सितम्बर 2023 से पुरवरी माह तक की गई चोरी की वारदातें कबूली हैं। इनके कब्जे से 72 बैटरियों के अलावा दो कारें, मोबाइल और चोरी में प्रयुक्त औजार बरामद हुए हैं।

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