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स्ट्रीट डॉग्स को मिलेगा आसरा, आश्रय स्थल बनेंगे

स्ट्रीट डॉग रखने, नसबंदी, भोजन और रैबीज इंजेक्शन की होगी व्यवस्था

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उज्जैन। स्ट्रीट डॉग्स को जल्द ही सरकारी आसरा मिलेगा। उज्जैन में तीन श्वान आश्रयगृह (शेल्टर होम) बनाए जाएंगे। इनमें स्ट्रीट डॉग्स के रहने, नसबंदी, भोजन और रैबीज इंजेक्शन लगाने की व्यवस्था होगी। शेल्टर होम के लिए भूमि की तलाश उज्जैन में शुरू हो गई है। महापौर मुकेश टटवाल ने तीन दिन में जमीन ढूंढने का कहा है। दरअसल, अभी प्रदेश के 14 जिलों में ही आवारा श्वानों से जुड़ी गतिविधियां हो रही हैं। अब इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में उज्जैन जिला मुख्यालय पर 3 और तहसील स्तर पर 2 शेल्टर होम खोले जाने हैं। इन आश्रय स्थलों की क्षमता 200 से 300 स्ट्रीट डॉग्स की होगी। इनके संचालन के लिए अनुदान भी मिलेगा। यह 300 श्वान के लिए अधिकतम 27 लाख एवं 200 के लिए 15 लाख रुपए होगा। यह राशि एडब्ल्यूबीआई (एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया ) जारी करेगा। 1960 में गठित एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया देश में जीव-जंतु के सरंक्षण के लिए काम करता है। बस आश्रय स्थल बनाने वाली संस्था को बोर्ड की गाइड लाइन का पालन करना होगा।

सभा मण्डप से पकड़े से 11 डॉग, अब वापस लौटे
नगर निगम की टीम ने 23 दिसंबर को महाकाल मंदिर परिसर व सभा मंडप से 11 डॉग पकड़े थे। यह कार्रवाई उस वक्त हुई थी जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा यहां आने वाले थे। डॉग्स के मंदिर से हटने पर लोगों में राहत थी लेकिन पिछले दो-तीन दिन से डॉग्स वापस सभा मंडप व मंदिर परिसर पहुंच गए थे। टीम के सदस्यों का कहना है कि उनका काम डॉग्स को पकड़कर नसबंदी के बाद वापस उसी जगह छोडऩा होता है जहां से उन्हें पकड़ा गया था। ऐसे में डॉग्स का उसी जगह लौटना स्वाभाविक है। जब तक डॉग्स के रहने की व्यवस्था नहीं होगी तब तक डॉग्स को उसी जगह पर छोडऩा उनकी मजबूरी है।

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कैसे होगा निर्माण
बोर्ड से मान्यता प्राप्त संस्था आश्रय स्थल का निर्माण कर सकती है। इनका संचालन एनजीओ, जीव प्रेमी संगठन और पशु सेवा में रुचि रखने वाले कर सकते हैं। संस्था का संचालन सीएसआर फंड से भी हो सकता है।

जमीन तलाशने का कहा है: एडब्ल्यूबीआई की गाइड लाइन के मुताबिक शेल्टर होम बनाने के लिए जगह की तलाश करने के निर्देश दिए हैं। तीन दिन में जमीन तलाशने का कहा है। – मुकेश टटवाल, महापौर

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