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जानलेवा चायना डोर पर तगड़ा एक्शन : पहले निगरानी की, फिर दबिश देकर पकड़ा

सैफ का जुलूस निकाला, बोला- चायना डोर बेचना पाप है, पुलिस हमारी बाप है…

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दो नाबालिग भी गिरफ्त में, 8 हजार कीमत के 25 गट्टे जब्त

 

उज्जैन। नए साल की ड्यूटी में लगी पुलिस अब फिर से प्रतिबंधित चायना डोर बेचने पर नकेल कसने की तैयारी कर रही है। रविवार शाम को फिर एक युवक का जानलेवा डोर से गला कटने का मामला सामने आने के लिए बाद महाकाल पुलिस ने सोमवार को बेगमपुरा क्षेत्र में दबिश देकर प्रतिबंधित चायना डोर बेचते दो नाबालिग सहित तीन आरोपियों को पकड़ा। इसके पास से २५ गट्टे जब्त किए गए। इसमें से एक आरोपी का पुलिस ने क्षेत्र में जुलूस निकाल दिया। इस दौरान कान पकडक़र और उठक-बैठक लगाते हुए आरोपी रास्तेभर बोलता रहा कि चायना डोर बेचना पाप है, पुलिस हमारी बाप है।

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टीआई गगन बादल ने बताया कि सोमवार को लोहे के पुल क्षेत्र में अतिक्रमण ड्यूटी में लगे एएसआई शंकरलाल, आरक्षक शैलेंद्र, शशांक और गोपाल को मुखबिर ने सूचना दी कि बेगमपुरा क्षेत्र में कुछ युवक चायना डोर बेच रहे हैं। इसके बाद टीम बेगमपुरा पहुंची तो निगरानी करने पर तीन युवक चायना डोर बेचते मिले जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया।

इसमें से दो नाबालिग थे, जबकि तीसरे का नाम सैफ पिता सादिक अली (19) निवासी बेगमपुरा था। इनके पास से चायना डोर के 25 गट्टे जब्त किए गए जिसकी अनुमानित कीमत 8 हजार रुपए है। पूछताछ में बताया कि चायना डोर उन्होंने नीलगंगा चौराहे के प्रेम तिवारी नामक शख्स से खरीदी है। मामले में कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन करने पर महाकाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।

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जुलूस निकाला, डोर को आग लगाई

दोपहर में पुलिस ने आरोपी सैफ अली का जुलूस निकाल दिया। इस दौरान वह कान पकड़े, सिर झुकाए और उठक-बैठक लगाते हुए चलता रहा। इस दौरान आरोपी सैफ कहता रहा कि चायना डोर बेचना पाप है, पुलिस हमारी बाप है। इसके बाद रोड पर ही पुलिस ने मौत की डोर को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर कार्रवाई का समर्थन किया।

ऑनलाइन बिक रहा मांझा

चायना डोर अभी भी कई वेबसाइट्स पर ऑनलाइन बिक रही है जिससे लोगों के साथ हादसे हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन इस पर कार्र्रवाई कर रहा है लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी की कमी और ऑनलाइन उपलब्धता के कारण इसे रोकना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, पंडिताई का काम करने वाले विनय तिवारी निवासी जयसिंहपुरा के साथ हुए हादसे के बाद पुलिस सख्ती बढ़ा दी है।

पाबंदी के बाद भी कैसे बिक रही

चायना डोर को लेकर हर साल पुलिस दुकानों और घरों की छतों पर पहुंचकर सर्चिंग करती है। बावजूद इसके हर साल कई लोग मकर संक्रांति के चलते जानलेवा डोर की चपेट में आने से गंभीर घायल होते हैं। ऐसे में प्रतिबंध केवल कागजों में ही दिखता है। जरूरत यह पता लगाने की है कि अगर पाबंदी है तो फिर डोर कहां और कैसे बिक रही है। अगर मौत की यह डोर ऑनलाइन भी बिक रही है तो पुलिस को अपने तकनीकी नेटवर्क पर टीम को धरपकड़ के लिए लगाना चाहिए।

इनका कहना: सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। आरोपियों ने प्रेम तिवारी निवासी नीलगंगा नामक शख्स से डोर खरीदी थी जो फरार है जिसकी तलाश जारी है। जल्द उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।– गगन बादल, टीआई, थाना महाकाल

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