जीरो पॉइंट ब्रिज पर चायना डोर से छात्र का गला कटा, पहले हो चुकी छात्रा की मौत

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संक्रांति से पहले तीन हादसे, घरों में रखे पुराने गट्टों और ऑनलाइन बिक्री पर नहीं लग पा रहा अंकुश
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। चायना डोर के घातक वार शहर में जारी हैं। सोमवार शाम को जीरो पॉइंट ब्रिज पर प्रतिबंधित चायना डोर ने बाइक सवार छात्र को घायल कर दिया। यह इस साल का तीसरा हादसा है जो मकर संक्रांति आने के पहले सामने आया है जिसने प्रशासन की प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गणेश नगर निवासी छात्र विपुल महिवाल शाम 5.30 बजे अपनी बाइक से फ्रीगंज से कोयला फाटक जा रहा था। ब्रिज के बीचोंबीच उनके गर्दन पर चायना डोर फंस गई और उन्हें गहरा कट लग गया। दर्द के बावजूद विपुल ने हिम्मत दिखाते हुए बाइक का नियंत्रण संभाला और सडक़ किनारे रोक दी। इसके बाद विपुल तुरंत निजी अस्पताल पहुंचा जहां डॉक्टर ने घाव पर एक टांका लगाया। विपुल ने बताया कि अगर वह तुरंत बाइक नहीं रोकता तो डोर गले में और गहरा घाव कर सकती थी और यह हादसा जानलेवा भी हो सकता था।
फ्रीगंज, हरिफाटक और जीरो पॉइंट ब्रिज पर सर्वाधिक हादसे
फ्रीगंज, हरिफाटक और जीरो पॉइंट ओवरब्रिज चायना डोर से होने वाले हादसों का हॉट स्पॉट बने हुए हैं। इन दोनों ब्रिज पर रोज हजारों वाहन गुजरते हैं, और ऊपर पतंगें उड़ती हैं। पुल पर उड़ रही पतंग अगर कट जाती है या फिर नीचे गिरती है तो उसकी डोर में वाहन चालक फंसते हैं और हादसे का शिकार होते हैं।
छात्रा की हो चुकी है मौत
इन दोनों ब्रिज पर चायना डोर के कारण हर साल मकर संक्रांति के दौरान कई हादसे होते हैं। 15 जनवरी 2022 को जीडीसी कॉलेज की छात्रा नेहा आंजना की मौत भी हो चुकी है। इसी साल जनवरी में ब्रिज पर चायना डोर के कारण करीब दो दर्जन लोग घायल हो चुके हैं।
इस साल संक्रांति के पहले तीसरा हादसा
हरिफाटक ब्रिज पर २७ नवंबर को स्कूटी सवार महिला चायना डोर की चपेट में आ गई थीं। महिला ट्रैफिक के बीच गिरकर मामूली रूप से चोटिल हुई थी। डोर से उन्हें शरीर पर कई जगह खरोंच आई थी। इसके तीन दिन बाद हरिफाटक ब्रिज पर ही दूसरी एक्टिवा सवार महिला भी चायना डोर की चपेट में आकर ही घायल हो चुकी है। तीसरा हादसा अब सोमवार को विपुल के साथ हुआ है, जबकि अभी संक्रांति आने में एक महीने से अधिक का समय बाकी है।
घरों में रखी डोर बाहर निकली, ऑनलाइन भी मिल रही
पुलिस प्रशासन दावा कर रहा है कि शहर की किसी भी दुकान पर चायना डोर नहीं बिक रही है। इसके लिए दुकानों पर प्रतिबंध के बोर्ड भी लगवाए गए हैं और लगातार पतंग दुकानों पर सर्चिंग भी की जा रही है। फिर चायना डोर कहां से आ रही है। जानकारी के मुताबिक चायना डोर दुकानों पर सीधे तो नहीं मिल रही लेकिन बीते सालों से छिपा कर घरों में रखी चायना डोर के गट्टों का पतंगबाज इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने ऑनलाइन इन खतरनाक गट्टों को मंगवा लिया है।
बच्चे पतंग उड़ाते मिले तो मां-बाप जेल जाएंगे, ड्रोन से पुलिस कर रही निगरानी
एसपी प्रदीप शर्मा ने चायना डोर से पतंग उड़ाने वालों पर नजर रखने के लिए एक अलग टीम तैयार की है। यह टीम तीन अलग-अलग क्षेत्रों में ड्रोन से छतों और मैदानों में नजर रख रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई पतंग उड़ाते मिला तो उसकी डोर चैक होगी और चायना डोर मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर बच्चे चायना मांझा से पतंग उड़ाते मिले तो उनके माता-पिता जिम्मेदार होंगे जिनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
कभी खराब नहीं होती चायना डोर
चायना डोर कभी खराब नहीं होती। ये प्लास्टिक से बनी होती है और प्लास्टिक कभी खराब नहीं होता,जबकि सूत से बनी डोर अगर घर में एक साल भी रखी रह जाती है तो कमजोर पड़ जाती है और खराब हो जाती है। चायना डोर को एसिड या आग से जलाकर ही नष्ट किया जा सकता है।- डॉ. जेके श्रीवास्तव पूर्व प्राचार्य, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज
अक्षरविश्व सरोकार…हमें ही दूरी बनाना होगी तभी मिलेगी सुरक्षा
चाइना डोर पर प्रशासन कड़े कदम उठा रहा है। कलेक्टर इस पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। पुलिस कानूनी शिकंजा कस रही है। फिर भी चाइना डोर बाजार में दिख रही है। इसका सीधा कारण जनजागरुकता की कमी है। जिस तरह लोगों ने गंदगी के खिलाफ कदम उठाया तो शहर साफ-सुथरे हुए।
अशिक्षा के खिलाफ प्रयास हुए तो समाज में शिक्षा को बढ़ावा मिला उसी तरह चाइना डोर को भी सामाजिक बुराई मानकर उसका त्याग करना होगा। जब तक हम खुद इससे दूरी नहीं बनाएंगे, चाइना डोर हमारे बीच बनी रहेगी। जिस दिन हमने इसे त्याग दिया, उसी दिन इसका आतंक भी समाप्त हो जाएगा, फिर भले ही स्मगलर इसे बेचने का लाख प्रयास करें। समाज की सुरक्षा के लिए हमे इससे दूरी बनाना ही होगी।
इन सावधानियों का सभी रखें ध्यान
दोपहिया वाहन चालक सावधानी के तौर पर गले में मफलर डालकर चलें, शाम को पुलों से गुजरते हुए।
अगर शहरवासियों को कोई चाइना डोर से पतंग उड़ाते हुए मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
पतंग लूटते वक्त हाइटेंशन लाइन से बच्चा झुलसा
मंगलवार सुबह विराटनगर में पतंग लूटते वक्त एक बच्चा हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया। घटना सुबह करीब १०.३० बजे की है। आगर रोड स्थित विराटनगर में रहने वाला अमन पिता गोविंद बागडिय़ा (८ साल) मां रेखा बाई के साथ घर पर छत पर बैठा था। छत के पास से ही हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। जिसमें पतंग उलझी हुई थी और डोर नीचे लटक रही थी। पतंग लूटने के इरादे से अमन ने जैसे ही डोर को पकड़ा वो करंट की चपेट में आकर दूर फिंका गया और झुलस गया। उसे तुरंत चरक अस्पताल लाया गया जहां उसका इलाज किया जा रहा है। स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।









