रातभर तनाव, सुबह थाने के बाहर धरना

तराना में दो पक्षों का झगड़ा सांप्रदायिक तनाव में तब्दील हुआ
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। तराना में दो पक्षों के बीच हुआ आपसी विवाद के बाद शुक्रवार को शांति रही। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है। गुरुवार की रात सांप्रादायिक विवाद के बाद 12 बसों के कांच फोड़ दिए गए थे। 4 गैराज-एक मेडिकल स्टोर, एक जूते चप्पल की दुकान तोड़ दी गई थी। शाम 7.30 से रात 11 बजे तक जमकर बवाल कटने के बाद उज्जैन से फोर्स को तराना भेजा गया था। रात में हुए बवाल के बाद शुक्रवार की सुबह भी बाजार पूरी तरह बंद रहे। अधिकांश दुकानदार अपनी दुकानें खोलने नहीं पहुंचे।
इधर, घटनपा को लेकर शुक्रवार सुबह 9 बजे हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता फिर तराना थाने के बाहर जमा हो गए । यहां बैठकर सभी ने श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया और पुलिस अधिकारियों से बात की। एसडीओपी भविष्य भास्कर ने इन्हें बताया कि रात में ही 6 नामजद आरोपियों सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। को राउंडअप कर लिया है जिनका जुलूस निकाला जाएगा। इसके अलावा अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ्त में होंगे। एसडीओपी के आश्वासन के बाद भी कार्यकर्ता नहीं माने, इनका तर्क था कि पुलिस को सुबह 9 बजे तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की चेतावनी दी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। धरना तब तक जारी रहेगा जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते।
अल्पसंख्यक समुदाय की संपत्ति निशाने पर
सोहिल पर हमले के करीब आधे घंटे बाद जब उसे उज्जैन के लिए रैफर कर दिया गया, इसके बाद भीड़ का एक हिस्सा बस स्टैंड इलाके में नारेबाजी करता हुआ निकला और बस स्टैंड पर खड़ी बसों पर पथराव शुरू कर दिया। कुल 12 बसों में तोडफ़ोड़ की गई। केवल एक को छोड़कर शेष 11 बसें आनंद और बाबा ट्रेवल्स की है। इनके संचालक राजू बाबा और आरिफ शाह दोनों ही अल्पसंख्यक वर्ग से है। इसके अलावा बस स्टैंड के नजदीक जूते-चप्पल की दुकान, पेट्रोल पंप चौपाटी के 4 गैराज और मेडिकल स्टोर को भीड़ ने निशाना बनाया। ये सभी दुकानें भी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की है।
बाजार बंद की चेतावनी का असर
देर रात ही हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों द्वारा पुलिस अधिकारियों को चेताया गया था कि यदि सुबह 9 बजे तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो शुक्रवार को पूरे दिन तराना व आसपास के ग्रामीण अंचल में बाजार बंद करवाया जाएगा। रात में ही कुछ इलाकों में इसका उनाउंसमेंट भी हुआ। इस चेतावनी का असर यह रहा कि शुक्रवार सुबह लगभग पूरे ही कस्बे में दुकानें खुली ही नहीं।
लव जिहाद-गोरक्षा के मामलों में एक्टिव रहा सोहिल: सोहिल ठाकुर जिस पर हमला हुआ वह बजरंग दल का नगर मंत्री है। सोहिल ठाकुर तराना में लव जिहाद-गोरक्षा जैसे मामलों में हमेशा संगठन की ओर से अगुवाई करता रहा है और लगातार सक्रिय बना रहता है। इसी वजह से भी वह कुछ असामाजिक तत्वों की निगाह में चढ़ा हुआ था।
5 थाना प्रभारी, 100 से भी ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
शाम के वक्त जब तराना में भीड़ उग्र हुई तब तराना थाने में बमुश्किल 10 पुलिसकर्मी मौजूद थे। बवाल की सूचना के बाद कायथा और माकड़ौन से पुलिसकर्मी तराना पहुंचे। इसके कुछ देर बाद घट्टिया, महिदपुर और चिमनगंज मंडी से थाना प्रभारी अपने थानों का बल लेकर पहुंचे। रात करीब 10 बजे एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर भी तराना पहुंच गए थे। इनके साथ ही पुलिस लाइन से बल तराना भेजा गया। 5 थानों के प्रभारी और करीब 100 पुलिसकर्मी रात 11 बजे तक वहां पहुंच चुके थे। सुबह भी तराना के प्रमुख संवेदनशील इलाको में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
एक नजर घटना पर
तराना में शुक्ला गली में रहने वाला सोहिल पिता सोनू ठाकुर उम्र 26 साल अपने घर से करीब 200 मीटर दूर राम मंदिर संघ कार्यालय के नजदीक बैठा था। शाम करीब 7.30 बजे ईशान मिर्जा और उसके साथ आठ से दस लोग लोहे की रॉड, लाठी और चाकू लेकर सोहिल के पास पहुंचे और उसे धमकाने लगे। इन लोगों का कहना था कि तुम हमारे काम में बहुत टांग अड़ाते हो, हमारे रास्ते में मत आया कर। आरोपियों के साथ सोहिल की कहासुनी हुई, इसी बीच आरोपियों ने उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
सोहिल को बचाने उसका चचेरा भाई आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। सोहिल को तत्काल ही तराना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे उज्जैन रैफर कर दिया गया। इस घटना के बाद सैकड़ों लोग अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए थे। यहीं भीड़ में से कुछ लोग बस स्टैंड की ओर आगे बढ़े व बसों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते तराना में तनाव के हालात निर्मित हो गए। रात में ही पुलिस ने ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ हेडली, सलमान, रिजवान और नावेद सहित 6 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया था। इसके बाद देर रात पुलिस क्षेत्र में गश्त करती रही।
आईसीयू में भर्ती, हालत खतरे से बाहर
सोहिल ठाकुर को तराना से घटना के कुछ देर बाद ही उज्जैन रैफर कर दिया गया था। उसके सिर पर गहरी चोट आई है। उज्जैन जिला अस्पताल चरक भवन में उसे भर्ती रखा गया है। सोहिल की हालत खतरे से बाहर है, सिर में चोट की वजह से बतौर सतर्कता उसे आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया है।
तराना में अब पूरी तरह से शांति है। रात में ही हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी धरपकड़ शुरू कर दी गई थी। बतौर सतर्कता पूरे कस्बे में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात रखा गया है।
– गुरुप्रसाद पाराशर
एएसपी









