29 नगर निगमों में 17 पर अकेले भाजपा

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने एकतरफा जीत दर्ज की
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महायुति ने 8 नगर निगम जीते, उद्धव से मुंबई छीना, पहली बार भाजपा का मेयर होगा
मुंबई। महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने एकतरफा जीत दर्ज की। कुल 29 नगर निगमों में से 17 पर अकेले भाजपा का कब्जा हो गया है। यानी इन निगमों में मेयर भाजपा के बनने जा रहे हैं।
भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 8 निगमों में जीत हासिल की। इस तरह भाजपा गठबंधन को 25 नगर निगमों में जीत दर्ज हुई है। भाजपा-शिवसेना (शिंदे) के गठबंधन ने उद्धव ठाकरे से बीएमसी छीनकर, उनका तीन दशक पुराना दबदबा खत्म कर दिया है। बीएमसी में भाजपा 89 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है। राज्य चुनाव आयोग की तरफ से घोषित फाइनल रिजल्ट के मुताबिक भाजपा+ ने 29 नगर निगमों में 2,869 सीटों में से 1,425 सीटें जीती हैं। शिवसेना ने 399, कांग्रेस ने 324, एनसीपी ने 167, शिवसेना (यूबीटी) ने 155, एनसीपी (एसपी) ने 36, एमएनएस ने 13, बीएसपी ने 6, एसईसी में रजिस्टर्ड पार्टियों ने 129, गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों ने 196, और 19 सीटें निर्दलीयों ने जीतीं।
30 साल बाद मुंबई में ठाकरे परिवार सत्ता से बाहर
मुंबई। मुंबई के इतिहास में पहली बार भाजपा का मेयर हो सकता है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव रिजल्ट में भाजपा गठबंधन को कुल 227 सीटों में से 118 सीटों पर बढ़त ली है। जिसमें से भाजपा 90, शिवसेना शिंदे 28 सीटों पर आगे थी। आजादी के बाद 77 वर्षों से मुंबई नगर निगम पर कांग्रेस और शिवसेना का ही कब्जा रहा है। 1947 से 1967 तक यानी 20 साल तक कांग्रेस का मेयर रहा। वहीं 1992 से लेकर 2022 यानी 30 सालों तक मेयर की कुर्सी पर शिवसेना काबिज रही। भाजपा 45 साल के इतिहास में पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में पहुंची है। दरअसल 1980 में पार्टी के गठन के बाद भाजपा ने 1992 से 2017 तक मुंबई में शिवसेना को सपोर्ट दिया था। मुंबई के मेयर का पद संभालने वाली आखिरी शख्स शिवसेना की किशोरी पेडनेकर थीं।










