सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में नहीं थम रहा घमासान

आरोप… सबूत नष्ट कर रहे थे: प्राचार्य
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सफाई… पेपर बना रहे थे: पूर्व प्राचार्य
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन. सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षकों के बीच जारी वर्चस्व की लड़ाई थमने का नाम ही नहीं ले रही है। प्राचार्य डॉ. जेके श्रीवास्तव ने कॉलेज के तीन लेक्चरार और पूर्व प्राचार्य पर रविवार रात कॉलेज भवन में बगैर अनुमति घुसने और दस्तावेज बदलकर सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस संबंध में नानाखेड़ा थाने को भी सूचना दी। पूर्व प्राचार्य डॉ. उमेश पेंढारकर ने प्राचार्य के आरोप को नकार दिया है। उनका कहना है कि लेक्चरार परीक्षा के पेपर तैयार कर रहे थे।
अमूमन सुर्खियों से दूर रहने वाला इंदौर रोड स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज इन दिनों चर्चाओं के केंद्र में है। इसका कारण यहां शिक्षकों के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई है। इसी कड़ी में रविवार रात 10.00 उस वक्त बवाल हो गया, जब कॉलेज के मैथेमेटिक्स विभाग में लेक्चरार लोकेंद्रसिंह ठाकुर(केमिकल विभाग), एचके पटेल (मैथेमेटिक्स)और सुभाषचंद्र सोलंकी ( मेकेनिकल ) के मौजूद होने की जानकारी प्राचार्य डॉ. जेके श्रीवास्तव को मिली।
गार्ड से मिली सूचना के बाद प्राचार्य मौके पर पहुंचे और इन पर कॉलेज भवन में जबरन घुसने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं प्राचार्य ने नानाखेड़ा पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी तो मौके पर जवान और अफसर पहुंचे। प्राचार्य की सूचना पर तीनों लेक्चरार को थाने लाया गया, इस बात की सूचना जब पूर्व प्राचार्य डॉ. उमेश पेंढारकर को लगी तो वे थाने पहुंचे और इसे आपसी मामला बताया। ऐसे में पुलिस ने लेक्चरार को थाने से जाने दिया। इस घटना के बाद मैथेमेटिक्स विभाग को सील कर दिया गया।
वर्चस्व की लड़ाई में कॉलेज की प्रतिष्ठा दांव पर
शहर को होनहार इंजीनियर देने वाले सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रतिष्ठा शिक्षकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई में दांव पर लगी हुई है। इतने ऊंचे कद के लोगों के बीच चल रही इस जंग से लोग भी अचरज में हैं। दरअसल प्राचार्य पद पर शासन द्वारा डॉ. उमेश पेंढारकर की पदस्थी से शुरू हुआ यह विवाद अब सड़क से होता हुआ थाने तक पहुंच रहा है। यह चिंतनीय बात है। शिक्षकों का काम समाज के लिए ऊंची सोच वाले होनहार तैयार करना है लेकिन अगर यही शिक्षक तुच्छ राजनीति में उलझेंगे तो विद्यार्थी इनसे क्या सीखेंगे। इंजीनियरिंग जैसे प्रतिष्ठित क्षेत्र के विद्धान शिक्षकों से उम्मीद की जाती है कि वह छोटी-छोटी बात पर आपस में भिडऩे के बजाय अपना कीमती समय बच्चों का भविष्य बनाने में लगाएंगे।
अभी कार्रवाई नहीं हुई है
अभी पुलिस ने कोई कागजी कार्रवाई नहीं की है। रात में प्रिंसिपल ने मैथेमेटिक्स विभाग में तीन लेक्चरार के प्रवेश की जानकारी दी थी। उन्होंने एक लिखित आवेदन दिया है। इसकी जांच कर रहे हैं। दूसरा पक्ष ने भी आवेदन दिया है।
नरेंद्र यादव, टीआई नानाखेड़ा
डुप्लीकेट चाबी से ताला खोला
प्राचार्य का कहना है कि लोकेंद्र सिंह ठाकुर एक जांच में दोषी पाए गए हैं, उनकी सेवा समाप्त करने की तैयारी है, ऐसे में वह दस्तावेज बदलने के लिए रात के समय कॉलेज में घुसे थे। नियम है कि कॉलेज छोडऩे से पहले चाबी जमा करानी होती है, लेकिन इन्होंने डुप्लीकेट चाबी से ताला खोला। यह लोग मैथेमेटिक्स विभाग में सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश कर रहे थे।
डॉ. जेके श्रीवास्तव, प्राचार्य, शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज
परीक्षा की तैयारी कर रहे थे
1 दिसंबर से कॉलेज में परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। संबंधित लेक्चरार पेपर तैयार करने के लिए विभाग में बैठे थे। यह कोई नई बात नहीं है। परीक्षा की तैयारी के लिए कई बार रात में पेपर बनाए जाते हैं। प्राचार्य गलत आरोप लगा रहे हैं। लेक्चरार ने प्राचार्य के खिलाफ प्रताडऩा का आवेदन दिया है।
डॉ. उमेश पेंढारकर पूर्व प्राचार्य









