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कोर्ट में कमिटमेंट और गेम में परफेक्शन से फहराया जीत का परचम

उज्जैन। अगर अपने आप पर विश्वास और कुछ कर गुजरने की ललक हो तो हर मुश्किल और चुनौतियां छोटी हो जाती हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया उज्जैन की होनहार बैडमिंटन खिलाड़ी मोनिका खलोटिया ने, जिन्होंने कोर्ट में कमिटमेंट और गेम में परफेक्शन से जीत का सुनहरा परचम लहराया। इस जीत से ना केवल उन्होंने टूर्नामेंट में दबदबा कायम किया बल्कि शहर सहित प्रदेश का नाम भी रोशनी के शिखर पर पहुंचाया।

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दोस्त और भाई से मिली खेलने की प्रेरणा

मोनिका बताती हैं वह मूलत: धार की रहने वाली हैं। 16 साल से उन्होंने अपने साथ पढऩे वाली फ्रेंड को बैडमिंटन खेलते देखा, इसी के बाद से इस खेल की शुरुआत हुई। भाई कराते का इंटरनेशल प्लेयर है जिससे खेल का वातावरण हमेशा आसपास रहा। भाई ने भी हमेशा मोटिवेट किया।

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शादी होने के बाद खेल छूटा फिर जीत के साथ वापसी

मोनिका बताती है कि वर्ष 2014 में शादी हुई जिसके बाद भी एक साल (2015 तक) तक खेलना जारी रहा लेकिन फिर बेटी का जन्म हुआ और कुुछ समय के लिए खेल से दूर होना पड़ा। इसके बाद इन लॉज ने मोटिवेट किया और साल 2020 से वापसी की और तब से लेकर अब तक कोर्ट में अपना 100 प्रतिशत दे रही हूं।

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योग्यता और ज्ञान को बढ़ाएं

सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपनी योग्यता और ज्ञान को बढ़ाने के लिए किया जाए तो यह फायदेमंद है। यह कहना है मोनिका का। उन्होंने युवाओं को भी संदेश कि रातोंरात कोई स्टार नहीं बनता। उसके लिए खुद को झोंकना पड़ता है इसलिए हमेशा समय की कद्र करें और मोबाइल को अपनी आदत कभी ना बनाएं।

उपलब्धियां
चंडीगढ़ में दिसंबर 2025 में आयोजित महाराजा अग्रसेन ऑल इंडिया प्राइज मनी बैडमिंटन टूर्नामेंट की ३५ प्लस आयु वर्ग में एकल स्पर्धा में गोल्ड और मिश्रित युगल स्पर्धा में ब्रॉन्ज मैडल जीता।

जनवरी 2025 में भोपाल में
आयोजित स्टेट मास्ट्र्स टूर्नामेंट में सिंगल में गोल्ड मैडल और विमेंस डबल्स में सिल्वर मैडल अपने नाम किया।

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