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टेस्ट ट्यूब लेकर निकले महापौर

वार्ड 4 में पहुंचकर जांचा पानी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। महापौर मुकेश टटवाल, पीएचई के प्रभारी और एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा मंगलवार सुबह शहर के कई इलाकों में पीएचई के अधिकारियों के साथ घूमे। महापौर तकनीकी अमले को साथ लेकर आए थे। कुछ जगहों पर उन्होंने खुद लोगों से पानी मंगवाया, टेस्ट ट्यूब में डालकर उसका क्लोरीन चैक किया। चामुंडा माता चौराहे पर सप्लाय लाइन में एक लीकेज मिला जिसे सुधरवाने के लिए तत्काल ही काम शुरू कराया गया।

 

इंदौर में दूषित पानी की वजह से हुए हादसे के बाद से ही उज्जैन में पीएचई का पूरा अमला और जनप्रतिनिधि भी अलर्ट मोड पर हंै। विगत एक सप्ताह में शहर की 25 टंकियों की सफाई हो चुकी है। पीएचई का अमला हर दिन औसत 6 टंकियों की सफाई कर रहा है। मंगलवार सुबह महापौर मुकेश टटवाल और एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा कंट्रोल रूम का निरीक्षण करने पहुंचे।

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यहां आने वाले फोन कॉल की जानकारी ली। इसके बाद वे पीएचई के अधिकारियों को साथ लेकर कानीपुरा रोड, महेश नगर, कमल कॉलोनी आदि इलाकों में पहुंचे। महापौर ने टेस्ट ट्यूब में पानी लिया, केमिकल की बूंदें डलवाईं और क्लोरीन की मात्रा जांची। यह टेस्ट किट सभी पानी की टंकियों पर मौजूद रहती है। एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा के मुताबिक फिलहाल शहर में कहीं भी दूषित पानी सप्लाय की गंभीर शिकायत नहीं है। जो छिटपुट शिकायतें आती हैं, उनके लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि एक दिन के भीतर शिकायत का निराकरण करवाएं।

डेम और प्लांट पर नहीं सीवर लाइन पर निगरानी रखना जरूरी

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महापौर और अन्य जिम्मेदारों के निरीक्षण पर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने तंज कसा है। राय ने कहा कि उज्जैन सौभाग्यशाली है कि यहां गंभीर जैसा डेम है। इस डेम के कैचमेंट में कोई बड़ा शहर नहीं है, लिहाजा यहां का पानी आप सीधे भी पी ले तो कोई हर्ज नहीं। वास्तविक निगरानी की जरूरत तो सीवरेज लाइन पर है।

टाटा ने अभी कई इलाकों में हाउस होल्ड कनेक्शन किए ही नहीं हैं लेकिन वहां चैंबर ओवर फ्लो होने लगे हैं। मतलब साफ है कहीं से तो इन लाइनों में पानी भर रहा है। जिस बेतरतीब ढंग से शहर में सीवरेज लाइन का प्रोजेक्ट चला, इससे आशंका है कि उज्जैन में भी भविष्य में इंदौर जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है।

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