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पुरोहितो ने 1100 रुपए प्रति श्रद्धालु लेकर गार्ड की मदद से कराया नंदीहॉल में प्रवेश

कलेक्टर ने पकड़ा महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन का गोरखधंधा

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के नाम पर गोरखधंधा चल रहा है। इसका खुलासा गुरुवार सुबह उस समय हुआ जब कलेक्टर नीरज सिंह दर्शन करने पहुंच गए। नंदीगृह में उन्हें अनाधिकृत लोग दर्शन करते मिले तो उन्होंने तफ्तीश कराई। इसमें पता चला कि पुरोहितो ने 1100 रुपए प्रति व्यक्ति लेकर गार्ड की मदद से उत्तरप्रदेश और गुजरात के श्रद्धालुओं को नंदी हॉल में प्रवेश दिलाया था।

कलेक्टर ने मौके पर एडीएम, एसडीएम और तहसीलदार को बुलाया व जांच करने को कहा। एडीएम ने श्रद्धालुओं के बयान लेकर पंचनामा बनाया और दो पुरोहित व एक गार्ड के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। एडीएम के निर्देश के बाद महाकाल पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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मामला सुबह 8.30 बजे उस वक्त सामने आया जब कलेक्टर रोजाना की तरह मंदिर दर्शन करने पहुंचे। मंदिर के नंदीगृह में प्रोटोकॉल की रसीद प्राप्त व्यक्ति को ही प्रवेश दिया जाता है। कलेक्टर नंदीगृह में पहुंचे तो उन्होंने दर्शन कर रहे लोगों से पूछा कि आप लोग नंदीगृह में किसकी परमिशन से दर्शन करने पहुंचे हैं।

तब श्रद्धालुओं ने उन्हें बताया कि पुरोहित व गार्ड ने उन्हें जल चढ़ाने की बात कहकर यहां तक पहुंचाया है। अनाधिकृत रूप से नंदीगृह में श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखकर कलेक्टर हैरान रह गए और उन्होंने तत्काल मौके पर एडीएम अनुकूल जैन, एसडीएम एस.डी. गर्ग व तहसीलदार को बुलाया और मामले की जांच के निर्देश दिए।

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थाने में वन टू वन पूछताछ

नंदीगृह से उत्तरप्रदेश के 7 व गुजरात के 3 महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के साथ दो पुरोहित को लेकर महाकाल थाने ले जाया गया। यहां अफसर भी पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी के कक्ष में बैठकर पूछताछ शुरू की तो श्रद्धालुओं ने बताया कि पुरोहित ने 1100 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से 6 लोगों के 6600 रुपए लिए थे। एक बच्ची को पुजारी ने एडजस्ट करने की बात कही थी। दूसरे पुजारी ने गुजरात के तीन लोगों से 1100 रुपए के हिसाब से 3300 रुपए लेकर नंदीगृह से दर्शन कराने की बात कहकर प्रवेश कराया था।

जांच रिपोर्ट कलेक्टर को देंगे

एडीएम अनुकूल जैन ने चर्चा में कहा कि कुछ लोगों द्वारा नंदी हॉल में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर दर्शन करने की सूचना मिली थी। श्रद्धालुओं के बयान दर्ज किए गए हैं। इसमें कुछ लोगों द्वारा रुपए लेकर दर्शन कराने की बात सामने आई है। प्रकरण की जांच रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

रुपए वापस कराए और केस दर्ज करने के निर्देश दिए

अफसरों ने श्रद्धालुओं के बयान दर्ज करने के बाद थाने में ही मौका पंचनामा भी बनाया। पुरोहित द्वारा श्रद्धालुओं से लिए गए 6600 रुपए वापस करवाए और पुलिस को मामले में केस दर्ज करने के निर्देश दिए।

मन्नत पूरी होने पर बच्चे से जल चढ़वाना था इसलिए दिए रुपए: नितेश कुमार

3300 रुपए में नंदीगृह से दर्शन की बात पुजारी ने की थी: जीवनबेन

उज्जैन। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह द्वारा नंदीगृह में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने वालों को रंगे हाथों पकड़ने के बाद उन्हें व पुरोहित को महाकाल थाने भेजा गया। यहां उत्तरप्रदेश के बस्ती से आए नितेश कुमार ने चर्चा में बताया कि मैं मंगलवार को परिवार के 7 सदस्यों के साथ उज्जैन दर्शन करने आया था।

सुबह महाकाल मंदिर की सामान्य लाइन में लगकर भगवान के दर्शन किए, लेकिन मन्नत पूरी होने पर बच्चे के हाथ से भगवान को जल चढ़वाना था। इसे पूरा करने के लिए पुरोहित से संपर्क किया। पुजारी ने बताया कि गर्भगृह से दर्शन नहीं हो सकते। नंदीगृह तक ले जाकर बच्चे के हाथ से भगवान को जल चढ़वा देंगे। इसके बदले 1100 रुपए प्रति व्यक्ति देना होगा। नितेश ने कहा कि हम 7 लोग थे लेकिन रुपए 6600 रुपए ही थे। पुरोहित को कहा कि एक व्यक्ति के रुपए कम हैं। बच्ची को एडजस्ट कर लें। पुरोहित तैयार हो गया। उसने रुपए ले लिए और हमें एक गार्ड की मदद से नंदीगृह में प्रवेश दिलाया।

पिछली बार गर्भगृह से किए थे दर्शन

नितेश के साथ आए अजय ने बताया कि पिछली बार हमने गर्भगृह में जाकर, भगवान को छूकर दर्शन किए थे। तभी मन्नत भी मांगी थी। मन्नत पूरी हो गई तो फिर भगवान के दर्शन करने आए हैं, लेकिन इस बार दर्शन व्यवस्था बदल गई। दूर रेलिंग से भगवान के दर्शन कराए जा रहे हैं, जबकि मन्नत मांगते समय यह बोला था कि मन्नत पूरी होने पर बच्चे के हाथ से ही जलाभिषेक कराएंगे। इसी कारण पुरोहित से संपर्क कर नंदीहॉल तक जाने के रुपए दिए थे।

हम शिकायत नहीं करना चाहते…

देवकृपा ग्रीन्स एसपी रिंग रोड़ अहमदाबाद निवासी योगेश भाई जम्बूकिया पिता शिवा भाई उनकी पत्नी जीनल बेन, बेटे हर्षल के साथ उज्जैन दर्शन करने आए थे। उन्हें भी अनाधिकृत रूप से नंदीगृह में दर्शन करते पकड़ा गया था। जीनल बेन ने बताया कि पुजारी ने नंदीगृह से दर्शन कराने के बदले 1100 रुपए मांगे थे। हमने दर्शनों के बाद रुपए देने को कहा तो पुजारी मान गया। उसने हमें नंदीगृह में प्रवेश दिलाया, लेकिन वहां कोई बड़े अफसर आ गए और उन्होंने हमसे पूछताछ के बाद थाने भेज दिया। हमने पुरोहित को कोई रुपए नहीं दिए थे और हम उनके खिलाफ कोई शिकायत करना नहीं चाहते। हम तो सिर्फ दर्शन करना चाहते थे।

दो पुरोहितो ने भेजे थे दस लोग

महाकाल थाने से मिली जानकारी के अनुसार पप्पू गुरू ने उत्तरप्रदेश के 7 लोगों को नंदीगृह में भेजा था जबकि कुणाल पिता प्रेमनारायण शर्मा ने गुजरात के 3 श्रद्धालुओं को नंदीगृह तक भेजा। इस प्रकार दो पुरोहित ने 10 लोगों को नंदीगृह में अनाधिकृत रूप से प्रवेश कराया। खास बात यह कि कुछ पुजारी और उनके प्रतिनिधि व काले गेट पर लगे सिक्योरिटी गार्ड की मिलीभगत से अनाधिकृत लोगों को प्रवेश कराया जा रहा था। कलेक्टर ने सुबह इन्हीं लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

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