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महाकाल की नगरी में बसेगी सांपों की दुनिया

1.20 हेक्टेयर में सांपों को मिलेगा नैचुरल इन्वायरमेंट, किंग कोबरा भी देख सकेंगे, जानकारियों का बनेगा गढ़

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देश के पहले रिसर्च बेस्ड स्नैक इंफोटेनमेंट पार्क का काम शुरू पहले चरण में साइट क्लीन की जा रही

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। धर्म और आस्था की भगवान महाकाल की नगरी में जल्द ही सांपों की दुनिया बसेगी। सांपों के बचाव और उनकी प्राकृतिक विशेषताओं को लोगों के सामने रखने के लिए इंदौर रोड स्थित बसंत विहार कॉलोनी के सी सेक्टर स्थित सरीसृप संरक्षण एवं शोध केंद्र का स्वरूप पूरी तरह से बदला जा रहा है।

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लोगों को सांपों के प्रति जागरूक करने के लिए देश का पहला रिसर्च बेस्ट स्नैक इंफोटेनमेंट पार्क का काम शुरू हो गया है। टेंडर होने के बाद फिलहाल साइट क्लीन की जा रही है। यहां लगे बांस व अन्य पेड़ों को काटा जा रहा है। 1.20 हेक्टेयर में बनने वाले इस पार्क में सांपों को नैचुरल इन्वायरमेंट मिलेगा जो लोगों के लिए जानकारी का गढ़ बनेगा। यहां किंग कोबरा भी लाया जाएगा जिसकी घोषण सीएम डॉ. मोहन यादव पहले ही कर चुके हैं।

पार्क में रेप्टाइल गार्डन, डिजिटल डिस्प्ले और सिलिकॉन के सांपों के जरिए शिक्षा और रोमांच एक साथ मिलेगा। साथ ही सांपों से जुड़ी गलत धारणाएं दूर किया जाएगा। दरअसल, पहले चरण में करीब १० करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जबकि परियोजना की कुल लागत करीब 15 करोड़ रुपए है। इसे डेढ़ साल में पूरा करना होगा। स्नैक पार्क को इस तरह से बनाया जाएगा कि यह केवल सांपों को रखने का स्थान ना होकर रिसर्च सेंटर और जागरूकता केंद्र के रूप में काम करे।

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पार्क की प्रमुख विशेषताएं

पार्क रिसर्च और मनोरंजन पर आधारित है जहां सांपों की 4600 से ज्यादा प्रजातियों (भारत में 376 और मप्र में 46) के बारे में जानकारी मिलेगी जिसमें किंग कोबरा और अन्य जहरीले व बिना जहर वाले सांप शामिल हैं।

यहां डिजिटल और इंटरैक्टिव अनुभव मिलेगा। मल्टीमीडिया तकनीक, जंगल जैसा माहौल और सिलिकॉन के सांपों को छूकर अनुभव करने की सुविधा होगा जिससे डर दूर होगा और सही जानकारी मिलेगी। जिससे डर दूर हो और सही जानकारी मिले।

पर्यटन को बढ़ावा देना, सांपों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शिक्षा के साथ रोमांच प्रदान करना है।

यह पार्क सिर्फ देखने की जगह नहीं, बल्कि शिक्षा, अनुसंधान और संरक्षण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है जिससे पर्यटन और जागरूकता दोनों बढ़ेंगे।

पार्क में 40 से 80 वर्ग मीटर के कुल २० एनक्लोजर (केज) बनाए जाएंगे जिन्हें नैचुरल इन्वायरमेंट के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा। दो केज 80-80 वर्गमीटर के होंगे जिनमें किंग कोबरा और अजगर को रखा जाएगा।

दूसरे फेज में मगरमच्छ-घडिय़ाल
प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में ५ करोड़ रुपए से अतिरिक्त विकास कार्य किए जाएंगे। इसमें सांपों के साथ मगरमच्छ-घडिय़ाल, छिपकली, कछुआ जैसे अन्य सरीसृपों को भी शामिल किया जाएगा जिससे यह पार्क सरीसृपों का संपूर्ण संरक्षण और प्रदर्शन केंद्र बन सके।

काम शुरू हो गया है
डेढ़ माह पहले स्नैक पार्क के काम का टेंडर हो चुका है और अब काम भी शुरू हो गया है। फिलहाल साइट क्लीन करने का काम किया जा रहा है। निर्माण कार्य को पूरा करने की समयसीमा डेढ़ साल निर्धारित की गई है।
-मुकेश इंगले
निदेशक, सरीसृप संरक्षण एवं शोध केंद्र

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