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एसी कोच में युवक चढ़ा और बैग चुराकर चला गया

यात्री बोला…मेरे पास चाय पीने के रुपये भी नहीं बचे

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन ट्रेनों और प्लेटफार्म पर चोरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि ट्रेन रुकते ही बदमाश वारदात को अंजाम देकर भाग रहे हैं। ऐसे ही सुबह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर रुकी ट्रेन के एसी कोच को निशाना बनाकर बदमाश ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। स्थिति यह बनी कि यात्री के पास चाय पीने के रुपये तक नहीं बचे। वह पुलिस के पास मदद मांगने पहुंचा।

इंजीनियर यात्री ने सुनाई आपबीती

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मेरा नाम रितेश कुमार निवासी कल्याण मुंबई है। प्रायवेट कंपनी के लाईट सेक्शन में इंजीनियर के पद पर पदस्थ हूं। इंदौर में कंपनी की मीटिंग के लिये कल कल्याण से इंदौर के लिये दौंण एक्सप्रेस के एसी कोच बी-3 में बैठा था। सुबह करीब 6.12 पर ट्रेन उज्जैन स्टेशन के प्लेटफार्म 1 पर रुकी। अधिकांश यात्री कोच से उतर चुके थे। उसने दूसरी सीट पर बैठे व्यक्ति को बैग देखने को कहा और टायलेट चला गया।

टायलेट से लौटकर आया उसी दौरान ट्रेन चल दी। उसने देखा सीट पर रखा बैग नहीं था। पास के यात्री से पूछा तो उसने कहा एक युवक बैग उठाकर ले गया। इस दौरान ट्रेन प्लेफार्म छोड़कर आउटर से आगे जा चुकी थी। ट्रेन की गति धीमी थी तो चलती ट्रेन से उतरा और करीब 1 किलोमीटर पैदल चलकर वापस स्टेशन आया। यहां आरपीएफ थाने में घटना की जानकारी दी तो सीसीटीवी कैमरे चैक किये जिसमें एक युवक ट्रेन में चढ़कर बैग लेकर वापस जाते दिख रहा था। आरपीएफ के लोगों ने कहा चोरी की रिपोर्ट जीआरपी में दर्ज होगी तो यहां पहुंचा हूं।

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इस कारण नहीं बचे रुपये

रितेश ने बताया कि रात में सोने से पहले उसने अपना मोबाईल, पर्स भी कपड़ों के बैग में रख दिये थे। बैग में कपड़ों के अलावा कंपनी का टेबलेट भी था। लोअर व टीशर्ट में कोई सामान या रुपये नहीं थे। चोर वही बैग ले गया। रितेश ने बताया कि पत्नी का मोबाइल नंबर याद था। पुलिस से फोन मांगकर पत्नी को कॉल किया है। अब किसी के मोबाइल पर ऑनलाइन रुपये मंगाना पड़ेंगे। जीआरपी सीसीटीवी फुटेज देखकर चोर की तलाश करने की बात कह रही है।

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