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जुर्माना लगाने और राजसात करने की बात पर गर्मागर्मी

कार्तिक मेले के अवैध झूलों पर कार्रवाई को लेकर भाजपा पार्षदों में बहस, नगर अध्यक्ष ने दी समझाइश

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कार्तिक मेले में चल रहे अवैध झूलों पर जुर्माना लगाया जाए या इन्हें राजसात किया जाए, इस मुद्दे पर नगर निगम कार्यालय में शनिवार को भाजपा पार्षदों के बीच बहस हो गई। बात इतनी बढ़ी कि मसला गर्मागर्मी में बदल गया। यह जानकारी जब नगर अध्यक्ष को लगी तो उन्होंने दोनों को तलब कर लिया। अब दोनों कह रहे हैं कोई बात नहीं हुई।

दरअसल कार्तिक मेले में वैध के साथ अवैध झूले संचालित होने की जानकारी लगातार झूला समिति को मिल रही थी। सूत्रों के मुताबिक समिति सदस्यों ने कुल 8 झूलों की पहचान अवैध के तौर पर की थी। इन पर कार्रवाई करने के लिए ही समिति अध्यक्ष अंजलि पटेल की अध्यक्षता में निगम कार्यालय के एमआईसी कक्ष में बैठक हो रही थी।

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पार्षद सुशील श्रीवास, गब्बर भाटी, इमरान खान, राजेश बाथम, पुरुषोत्तम मालवीय अवैध झूला संचालकों पर कार्रवाई करने पर विचार-विमर्श कर रहे थे। बताया जा रहा है कि कुछ सदस्यों ने दो झूलों को राजसात करने की बात की, जबकि गब्बर भाटी ने जुर्माना लगाने का सुझाव दिया। भाटी का कहना था कि अवैध झूला चलाने वालों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा काम नहीं करें। लेकिन पार्षद सुशील श्रीवास इस पर तैयार नहीं थे, उनका कहना था कि जब अवैध कारोबार करने पर सामान जब्ती का नियम है तो झूलों को भी राजसात करना चाहिए। इसी बात को लेकर भाटी और श्रीवास के बीच गरमागरम बहस हो गई।

दोनों पार्षदों को समझाइश दी है

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बैठक में विवाद होने की जानकारी लगी थी। दोनों पार्षदों को पार्टी कार्यालय बुलाया गया और गलत फहमी दूर कर दी है। निगम का विषय है। मारपीट की जानकारी नहीं है।
संजय अग्रवाल, भाजपा नगर अध्यक्ष

दोनों पार्षदों ने क्या कहा…

मारपीट या विवाद का कोई विषय नहीं
कोई विवाद नहीं हुआ। बस दोनों ने अपना-अपना पक्ष रखा। पता नहीं कैसे बात इतनी बड़ी बना दी गई। मारपीट या विवाद का कोई विषय नहीं है।
सुशील श्रीवास, पार्षद

झूले को राजसात कर रहे थे, जुर्माने का कहा था
दो झूलों को राजसात कर रहे थे। मीटिंग में इन पर जुर्माना लगाने का कहा था। मैंने यहीं कहा था कि जब आठ झूले अवैध चल रहे थे तो दो पर ही कार्रवाई क्यों कर रहे हों। प्रूफ के लिए रिकॉडिंग दी है। विवाद जैसा विषय ही नहीं है।
गब्बर भाटी, पार्षद

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