Saturday, December 9, 2023
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सीएम के निर्देश बाद उज्जैन मास्टर प्लान पर एक भी आपत्ति नहीं

टीएनसी दफ्तर में प्रस्तावित प्लान चस्पा, 15 दिन सुझाव और आपत्ति का इंतजार

अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन उज्जैन में हर बारह साल में एक बार होने वाले सिंहस्थ के लिए सिंहस्थ के लिए 148 हेक्टेयर जमीन वापस आरक्षित करने के लिए सीएम शिवराजसिंह चौहान के निर्देश के बाद प्रस्तावित उपांतरण के लिए मास्टर प्लान पर अब तक एक भी आपत्ति या कोई सुझाव टीएनसी दफ्तर में नहीं पहुंचा है। 15 दिन बाद प्लान में यह जमीन सिंहस्थ के लिए आरक्षित हो जाएगी।

मास्टरप्लान यानी उज्जैन विकास योजना-2035 में महत्वपूर्ण बदलाव करने के लिए प्रस्तावित संशोधित प्लान टीएनसी दफ्तर में चस्पा कर दिया है और आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां बुलाई हैं। इसके लिए 15 दिन का समय तय किया है। इस अवधि में जो सुझाव और आपत्तियां आएंगी उन्हें विभाग के सामने रखा जाएगा और सीएम के निर्देशानुसार निर्णय कर इसे लागू किया जाएगा। टीएनसी के अधिकारियों के अनुसार अभी तक एक भी सुझाव या आपत्ति नहीं आई है। हालांकि सीधे नगरीय प्रशासन विभाग, भोपाल में भी इसके लिए आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। ऑनलाइन भी दी जा सकती हैं। ऑफलाइन एक भी आपत्ति नहीं आई है, जबकि प्लान 6 जुलाई से ही नक्शे के साथ चस्पा कर दिया गया है।

कमलनाथ की नजऱ

मास्टरप्लान पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की भी नजऱ लगी हुई है। वे इसकी एक एक रिपोर्ट ले रहे हैं ताकि विधानसभा चुनाव में शिवराज सरकार की घेराबंदी कर सके। प्लान में हो रहे संशोधन की प्रक्रिया पर भी उनकी नजरें लगी हुई हैं।

जीवनखेड़ी की जमीन अभी प्लान से दूर

प्लान में उपांतरण के तहत सावराखेड़ी गांव और कस्बा उज्जैन की आरक्षित 148.679 हेक्टेयर को आवासीय से वापस कृषि भूमि उपयोग करने का प्रस्ताव है। जीवनखेड़ी की जमीन को अभी सिंहस्थ क्षेत्र से दूर रखा गया है। यह जमीन 2016 में बने सिंहस्थ बायपास से लगी है। इस क्षेत्र में सिंहस्थ का विस्तार होने की संभावनाएं अधिक हैं।

प्लान आपत्तियों के लिए चस्पा

यह सही है कि मास्टरप्लान में उपांतरण के लिए मुख्यलाय के निर्देशानुसार कार्यालय में नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया गया है। निर्धारित अवधि में प्रस्ताव पर सुझाव या आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है।
विष्णु खरे, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश

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