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महाकाल मंदिर में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब, तैयारियां प्रारंभ

महाशिवरात्रि का पर्व 8 मार्च को, श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर कार्ययोजना लगभग तय

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन महाकाल मंदिर में 29 फरवरी से 9 मार्च तक शिव नवरात्रि पर्व की धूम रहेगी। नौ दिन तक भगवान महाकाल दिव्य दर्शन देंगे। 8 मार्च को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना
है। महाशिवरात्रि के लिए मंदिर में तैयारियों चल रही है।

महाशिवरात्रि पर्व 2024 को दृष्टिगत रखते हुए महाकाल मंदिर के गर्भगृह में रुद्रयंत्र व रजत दीवारों की सफाई का कार्य प्रारंभ हो गया है। संपूर्ण प्रांगण में रंग-रोगन का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। महाकाल मंदिर में 29 फरवरी से 9 मार्च तक शिव नवरात्रि पर्व की धूम रहेगी। हर दिन सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक बाबा महाकाल का विशेष पूजन जाएगा। वहीं, शाम को महाकालेश्वर भगवान को वस्त्र धारण कराकर विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान महाकाल के विभिन्न स्वरूपों (विग्रहों) के दर्शन होंगे। महाशिवरात्रि को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था होगी। इस दिन भक्त 24 घंटे भगवान के दर्शन कर सकेंगे।

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महाशिवरात्रि पर बंद रहेगी शीघ्र दर्शन टिकट की सुविधा

महाशिवरात्रि पर देशभर से करीब 10 लाख भक्तों के आने का अनुमान है, इसलिए भीड़ नियंत्रण की दृष्टि से शीघ्र दर्शन टिकट व्यवस्था को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। दर्शनार्थियों को प्रशासनिक कार्यालय के समीप स्थित भस्म आरती बुकिंग काउंटर से ऑफलाइन अनुमति प्रदान की जाएगी। महाशिवरात्रि पर देश-विदेश से आने वाले भक्तों को चलायमान व्यवस्था से भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। मंदिर समिति द्वारा भीड़ नियंत्रण के लिए इस दिन 250 रुपये की शीघ्र दर्शन टिकट सुविधा बंद रखने का निर्णय लिया गया है। 8 व 9 मार्च के लिए भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग को भी ब्लाक कर दिया गया है। दर्शनार्थियों को प्रशासनिक कार्यालय के समीप स्थित भस्म आरती बुकिंग काउंटर से ऑफलाइन अनुमति प्रदान की जाएगी।

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यह रहेगी प्रवेश व्यवस्था

मंदिर प्रबंध समिति प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया कि तय व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं को नृसिंह घाट से चारधाम मंदिर, शक्तिपथ, महाकाल महालोक होते हुए मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद दर्शनार्थी मंदिर के नए टनल मार्ग से होकर गणेश मंडप पहुंचेंगे तथा भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। इसके पश्चात नए निर्गम द्वार से निकलकर बड़े गणेश, हरसिद्धि चौराहा होते हुए चारधाम आश्रम पहुंचकर गंतव्य के लिए रवाना होंगे।

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