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यह है कुदरत का खेल… गंभीर डेम पांच दिन में फुल

गेट नंबर 3 डेढ़ मीटर खोलना पड़ा, पेयजल की फिक्र दूर
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। कुदरत का खेल निराला है…। इसका एहसास एक बार फिर गंभीर डेम फुल होने से मिला है। इस माह के आठ दिन बाद भी जब पानी नहीं गिरा और डेम में पानी खत्म होने आ गया और चैनल कटिंग से भी पानी नहीं आया तो नर्मदा के पानी से लोगों की प्यास बुझानी पड़ी। आज सुबह दृश्य ही बदल गया, जब गंभीर डेम फुल हो गया और एक गेट सुबह से खोलना पड़ा।
रविवार सुबह करीब 7 बजे गंभीर डेम पूरी तरह से भर गया और 3 नंबर गेट को डेढ़ मीटर खोलकर पानी आगे छोडऩा पड़ा। यह सिलसिला सुबह करीब 10 बजे तक जारी रहा। डेम की क्षमता 2250 एमसीएफटी है। इसको बनाए रखने के लिए डेम का एक गेट खोलना पड़ा। इस सीजन में यह पहला मौका है जब डेम का गेट खोलने की स्थिति बनी।
पांच दिन पहले डेम में पानी नहीं होने से नर्मदा का पानी लाने की खटपट की जा रही थी और आज गंभीर डेम इतना भर गया कि वह फूट न जाए इसलिए पानी छोडऩा पड़ा। उज्जैन में शनिवार को बारिश नहीं हुई लेकिन इंदौर और आसपास तेज बारिश होने से गंभीर डेम भर सका। इंदौर में 3 इंच बारिश होने से यह स्थिति बनी।
आधे घंटे बाद 2 मीटर खोला गेट
पानी का बहाव तेज होने के कारण गंभीर डेम का गेट नंबर 3 आधे घंटे बाद यानी करीब पौने आठ बजे आधा मीटर और खोलकर दो मीटर किया गया ताकि डेम का लेवल मेंटेन रहे। 2250 एमसीएफटी पानी भरने के बाद सुबह पौने 7 बजे सायरन बजाकर एक गेट खोला गया।
उंडासा तालाब भी फुल साहिबखेड़ी आधा खाली
शहर के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि उंडासा तालाब भी फुल है। इसकी क्षमता 184 एमसीएफटी की है और इसमें इतना ही पानी है। पीएचई अधिकारियों के अनुसार यह तालाब 14 फीट भरा हुआ है। आगर रोड स्थित साहिबखेड़ी डेम में 278.89 एमसीएफटी पानी जमा है। इसकी क्षमता 446 एमसीएफटी है। इस हिसाब से यह 167 एमसीएफटी खाली है।
रोज सप्लाई का खुला रास्ता, जरूरी है अब पानी बचाना
गंभीर डेम पूरी तरह से भरने के बाद शहर में रोज पेयजल सप्लाई का रास्ता भी खुल गया है, लेकिन नगर निगम प्रशासन को पानी बचाने के उपाय भी करना चाहिए। अभी शहर में एक दिन छोडक़र पेयजल प्रदाय किया जा रहा। पीएचई के जानकारों के अनुसार पानी बचाने के लिए ये तीन उपाय किए जा सकते हैं
1. सर्दियों में एक दिन छोडक़र पानी: नगर निगम द्वारा गर्मी के मौसम में एक दिन छोडक़र पानी सप्लाई का निर्णय लिया जाता है। इसकी जगह सर्दियों में दिसंबर से मार्च तक एक दिन छोडक़र पानी देने से बचत हो सकती है। इससे गर्मी में मौसम में संकट नहीं होगा।
२. बामोरा डेम एक माह बाद खुले: बामोरा डेम से पानी छोडऩे का समय बदलकर भी पानी बचाया जा सकता है। बामोरा डेम से अक्टूबर में पानी छोड़ा जाता है। इसकी जगह नवंबर या दिसंबर में यह डेम खोलना चाहिए क्योंकि अक्टूबर में गंभीर में पानी रहता है। इस कारण उसे आगे छोडऩा पड़ता है। बामोरा को खोलने में डिवाटरिंग भी नहीं करना पड़ती है। बामोरा डेम से करीब 100 एमसीएफटी पानी छोड़ा जाता है तो वह आकासोदा, देवड़ाखेड़ी, नलवा होते खड़ोतिया ब्रिज पर गंभीर नदी से मिलता है।
३. अवैध नल कनेक्शन बंद करने का काम पीएचई द्वारा सख्ती से किया जाए। इससे पानी का अपव्यय बहुत होता है। अवैध कनेक्शन से कमर्शियल काम भी बहुत होते हैं। वाशिंग सेंटर भी चलाए जाते हैं।
100 हॉर्सपॉवर के पंप से खुलता है गेट
गंभीर डेम के गेट खोलने के लिए 100 हॉर्सपॉवर की मोटरों का उपयोग किया जाता है। इसके लिए डेम पर 50, 50 हॉर्सपॉवर के दो मोटर पंप लगे हैं। इसके अलावा 100 हॉर्सपॉवर का एक जनरेटर भी है, जिससे बिजली गुल होने पर भी डेम के गेट तुरंत खोले जा सकते हैं। गंभीर डेम में कब कितना पानी
दिन               पानी (एमसीएफटी में)
15 जुलाई      251
31 जुलाई      195
2 अगस्त        187
10 अगस्त      150
19 अगस्त      178
22 अगस्त      268
26 अगस्त      331
29 अगस्त      758
30 अगस्त      1162
31 अगस्त      2250

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