Advertisement

सिंहस्थ के दो ब्रिज बनने से पहले बदल दिए ‘हाथ’

नगर निगम इक्कीस करोड़ रु. के प्रोजेक्ट पीडब्ल्यूडी को सौंपेगा

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए सरकार के पास समय कम बचा है और बड़े प्रोजेक्ट पर फैसले लेने में हो रहे बदलाव के कारण परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय शुक्ला के निर्देश के बाद नगर निगम प्रशासन ने सिंहस्थ योजना के दो बड़े ब्रिज के काम पीडब्ल्यूडी ब्रिज को देने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे ब्रिज के काम नए सिरे से शुरू होंगे।

सिंहस्थ योजनाओं को लेकर उच्च स्तर पर बन रही अनिर्णय की स्थितियों के कारण विभागीय अधिकारी भी हैरत में हैं, क्योंकि बार बार योजनाएं बदलना पड़ रहीं। इससे बड़े प्रोजेक्ट्स के काम समय पर पूरे करने की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। जंतर मंतर रोड पर होटल सॉलिटेयर के पीछे शिप्रा नदी पर ब्रिज बनाने का काम अब नगर निगम की जगह पीडब्ल्यूडी ब्रिज को सौंपा जाएगा।

Advertisement

इसी तरह इंदौर रोड पर इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने शिप्रा नदी पर ब्रिज बनाने का काम भी नगर निगम।की जगह पीडब्ल्यूडी ब्रिज द्वारा किया जाएगा।

Also read:-  New Vivo Looking 2025 Smartphone 5G : वीवो का 6.82 इंच डिस्प्ले 400MP Camera वाला Smartphone

Advertisement

दोनों ब्रिज 21 करोड़ की लागत से बनाने का प्रस्ताव है। शनिवार को एसीएस शुक्ला ने सिंहस्थ निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि ब्रिज के काम ब्रिज विभाग को ही दिए जाएं। इस कारण निगम प्रशासन ने ये प्रोजेक्ट पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि इस प्रक्रिया में भी अभी समय लग सकता है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी को नए सिरे से योजना तैयार कर टेंडर लगाने में वक्त लगेगा।

ये भी बदले फैसले

1 हरिफाटक ओवरब्रिज चौड़ीकरण का काम पीडब्ल्यूडी ब्रिज से लेकर एमपीआरडीसी को सौंपा गया है। एमपीआरडीसी अब नए सिरे से सर्वे करा कर योजना बना रहा।

2 कालभैरव मंदिर सौंदर्यीकरण का काम पहले स्मार्ट सिटी को दिया गया बाद में यह काम उज्जैन विकास प्राधिकरण को देने का निर्णय लिया गया।

Related Articles

Write a review