Advertisement

पर्यटन विभाग को ग्रांड होटल देने के दो फार्मूले

राजस्व समिति ने मांगी प्रस्ताव की पूरी जानकारी

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नगर निगम द्वारा ग्रांड होटल को पर्यटन विभाग को देने के लिए दो फार्मूले का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव एमआईसी में रखे जाने के पहले निगम की राजस्व समिति ने मामले की पूरी जानकारी मांगी है। इसके बाद नगर निगम में हलचल तेज हो गई है। निगम प्रशासन इसे 48 करोड़ रुपए में पर्यटन विभाग को लीज पर देगा या पार्टनरशिप में हेरिटेज होटल चलाएगा। ये दोनों सुझाव प्रस्ताव में रखे गए हैं।

नगर निगम ने ग्रांड होटल को पर्यटन विभाग को हैंडओवर करने के लिए अभी दो प्रस्ताव तैयार किए हैं। निगम आयुक्त आशीष पाठक के निर्देश पर प्रस्ताव को आगे बढ़ गया है। इसे एमआईसी के पास मंजूरी के लिए भेजने की तैयारी के साथ राजस्व समिति प्रभारी रजत मेहता के पास भेजा गया था। प्रस्ताव पर अभिमत देने के पहले समिति प्रभारी मेहता ने मामले की जानकारी के साथ ही यह बताने को कहा है कि निगम प्रशासन पहले यह समझाए कि इससे निगम को कितना फायदा होगा। पर्यटन विभाग के साथ अगर पार्टनरशिप करनी है तो उसके क्या फायदे होंगे।

Advertisement

प्राइवेट होटलों से कमाई और ग्रांड होटल पीछे: शहर की शान के रूप में स्थित ग्रांड होटल में 23 कमरे और बड़ा लॉन होने के बाद भी निगम प्रशासन इसे आय का केंद्र नहीं बना सका है। शहर के मध्य अच्छी लेकेशन पर होने के बाद भी यह सफेद हाथी साबित हो रही। प्राइवेट होटल की तरह सुविधायुक्त कमरे और इनकी संख्या बढ़ाने से निगम के लिए यह अच्छी आय का स्रोत हो सकती है, लेकिन वर्तमान में आय न के बराबर ही है।

प्रस्ताव आया था, लेकिन लौटा दिया

Advertisement

ग्रांड होटल को पर्यटन विभाग को हैंडओवर करने से संबंधित प्रस्ताव मेरे पास भेजा गया था। प्रस्ताव के संबंध में कुछ जानकारी प्राप्त करने के लिए वापस भेज दिया गया है। रजत मेहता, प्रभारी राजस्व समिति, नगर निगम

Related Articles

Write a review