वृद्ध को डिजिटल अरेस्ट कर 71 लाख की ठगी करने वाले दो और आरोपी पकड़ाए

खातों से रुपए निकाल कर नकद की हेराफेरी की थी, दो की तलाश जारी
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। रामकृष्ण मिशन के सचिव को डिजिटल अरेस्ट कर बदमाशों ने 71 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की थी। नानाखेड़ा थाना पुलिस ने मामले में 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया और 23 लाख रुपए बैंक में होल्ड भी करवाए थे। गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ के बाद उनके दो और साथियों को पुलिस ने पकड़ा है जबकि दो अन्य फरार हैं।
यह था मामला
वृद्ध सचिव के मोबाइल पर सेडेक्स कोरियर्स की मुंबई शाखा से अनजान लड़की ने कॉल कर उन्हें बताया कि आपके द्वारा ताइवान भेजा गया ड्रग्स का पार्सल वापस मुंबई आ गया है। पार्सल के बारे में सीबीआई और मुंबई पुलिस पूछताछ कर रही है। उन्हें बातों में उलझाकर लड़की ने कथित तौर पर अंधेरी मुंबई पुलिस से बातचीत कराई। जब वृद्ध पूरी तरह उनकी बातों में उलझ गए तो उन्हें अलग-अलग बैंक के अकाउंट नंबर देकर आरटीजीएस के माध्यम से 71 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे।
यह बदमाश आए थे गिरफ्त में
पुलिस ने शिकायत मिलते ही जिन बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर हुए थे उनमें से 23 लाख रुपए होल्ड करवाए और खाता धारकों की जांच शुरू की। पुलिस ने इसी आधार पर इंदौर के महेश पिता रमेशकुमार फतेचंदानी, मयंक पिता मनोज कुमार सेन, यश अग्रवाल पिता मुकेश अग्रवाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद रिमाण्ड पर लिया। पूछताछ में सायबर ठगों ने अपने चार अन्य साथियों के नाम पुलिस को बताए थे।
केश ठिकाने लगाते थे
पुलिस ने बताया कि सायबर ठगी में फरार चेतन सिसौदिया पिता नरेश सिसौदिया और रूपेश मारू उर्फ धु्रव पिता बगदीराम मारू दोनों निवासी इंदौर को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों को सायबर ठगी के माध्यम से बैंक खाते में आए रुपए नकद प्राप्त हुए थे। इनका काम 1 प्रतिशत कमीशन लेकर रुपयों आगे पहुंचाने का था। दोनों को 9 लाख रुपए नकद मिले थे। अब दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमाण्ड लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस के अनुसार अभी शुभम संसारिया उर्फ शुभम नामदेव और विशाल पिता लक्ष्मण पटेल निवासी विजय नगर इंदौर फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।









