सिद्धवट-कालभैरव क्षेत्र में शिप्रा पर बन रहे तीन पुल, दो इसी साल पूरे होंगे

दो पुलों पर पहला स्लैब जुलाई से डालना शुरू होगा
उज्जैन। सिंहस्थ के पहले सिद्धवट-कालभैरव क्षेत्र में शिप्रा नदी पर तीन और पुलों का निर्माण चल रहा है। दो पुल पहले से ही बने पुलों के समानांतन बनाए जा रहे हैं। जबकि एक पुल नया बन रहा है। इन पुलों के बनने से सिंहस्थ के दौरान भीड़ नियंत्रण में काफी सुविधा होगी।
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प्रशासन द्वारा एक पुल तो गढ़कालिका से कालभैरव के बीच शिप्रा नदी पर बनाया जा रहा है। यहां पहले से बने पुल के समानांतर ही दूसरा हिस्सा बनाया जा रहा है। जिससे इस पुल की चौड़ाई ठीक डबल हो जाएगी। इस पुल पर 66 पाइल रहेगी जो 10 पिलर (खंभों) पर रहेगी। पुल पुल के दोनों ओर रोशनी के लिए हाई मास्ट और सुरक्षा के लिए रैलिंग लगाई जाएगी। जुलाई 2026 से यहां स्लैब डालना शुरू हो जाएंगे। लोक निर्माण विभाग (सेतु) के ईई पी.एस. पंत ने बताया कि फरवरी 2026 तक पाइल और जुलाई 2026 तक स्लैब का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
भैरवगढ़ और सिद्धवट में भी बन रहे ब्रिज
इस क्षेत्र में भैरवगढ़ से पीपलीनाका पर भी समानांतर ब्रिज बनाया जा रहा है। पहले से बना ब्रिज सिंगल लेन है। दूसरा ब्रिज बनने से यह डबल लेन हो जाएगा। यहाँ बन रहे समांतर ब्रिज में 5 पियर रहेंगे। फिलहाल पाइल का काम चल रहा है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यहां थोड़ी दूरी पर ही सिद्धवट से अंगारेश्वर महादेव के लिए नवीन ब्रिज के लिए खुदाई का कार्य शुरू हो चुका है। यह ब्रिज अगले साल तक पूरा करने का लक्ष्य है।
मेला अधिकारी और कलेक्टर ने किया निरीक्षण
गुरुवार को सिंहस्थ मेला अधिकारी संभाग आयुक्त आशीष सिंह एवं कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निर्माणाधीन कालभैरव-सिद्धवट क्षेत्र में बन रहे नए ब्रिज के कामकाज का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। आयुक्त आशीष सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंहस्थ के दौरान लाखों की भीड़ का दबाव रहेगा, इसलिए निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट सहित लोक निर्माण विभाग और सेतु संभाग के आला अधिकारी उपस्थित थे।









