दो थाने, तीन घटनाएं, सभी में पुलिस बनी सहारा

महाकाल और बडऩगर पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल
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उज्जैन। उज्जैन जिले के दो अलग-अलग थानों की पुलिस ने ड्यूटी का फर्ज निभाते हुए मानवता की मिसाल पेश की। दोनों ही मामलों में महिलाएं अपनों से बिछड़ गई थीं जिसके बाद पुलिस उनका सहारा बनी और परिजनों को ढूंढकर उन्हें फिर से मिलवाया।

पहला मामला महाकाल थाना क्षेत्र का है। यहां शिप्रा आरती देखने के दौरान बुजुर्ग महिला श्रद्धालु परिवार से बिछड़ गई जिसकी जानकारी श्रद्धालु सुब्रमण्यम पिता स्व. चंद्रशेखर (50) निवासी अनंतपुर (आंध्रप्रदेश) ने महाकाल थाने में दी। उन्होंने बताया कि परिवार के सभी लोग शिप्रा आरती देखने रामघाट गए थे जहां उनकी 65 वर्षीय मौसी सरस्वती देवी पति आर. श्रीनिवास मूर्ति निवासी इंदुपुर (आंध्रप्रदेश) भीड़ में बिछड़ गईं। महाकाल टीआई गगन बादल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसआई चंद्रभान सिंह चौहान सहित पुलिस बल की अलग-अलग टीमें गठित कर सर्च अभियान शुरू करवाया।
सोशल मीडिया की मदद ली : पुलिस ने महिला श्रद्धालु का फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और हुलिया भी बताया। इसके साथ ही ऑटो चालकों, फूल विक्रेताओं, होटल व्यवसायियों के वॉट्सएप ग्रुप्स में भी जानकारी साझा की गई।
देर रात हरसिद्धि पाल के पास बैठी मिलीं
18-19 जनवरी की दरमियानी रात करीब 12 बजे डायल-112 की एफआरवी-17 में तैनात आरक्षक अभिषेक और पायलट पंकज को ऑटो चालक से सूचना मिली कि वॉट्सऐप ग्रुप में पोस्ट किए फोटो से मिलती-जुलती वृद्ध महिला हरसिद्धि पाल क्षेत्र के पास बैठी हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूछताछ करने पर महिला की पहचान सरस्वती देवी के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी और उन्हें मौके पर बुलाकर सरस्वती देवी को सकुशल उनके हवाले किया। मौसी को सुरक्षित देखकर परिजनों ने पुलिस को धन्यवाद दिया।
इधर, रतलाम की महिला को मिलवाया
इधर, बडऩगर पुलिस ने भी परिवार से बिछड़ी रतलाम की महिला को पुन: परिजनों से मिलवाया। टीआई अशोक कुमार पाटीदार ने बताया रात करीब 1 बजे सूचना मिली कि रूनिजा रोड फोरलेन ब्रिज के नीचे 30-35 साल की महिला खड़ी है और आने-जाने वाली गाडिय़ों को रुकवा रही है। सूचना पर पुलिस टीम को रवाना कर थाने लाया गया। यहां उन्होंने अपना नाम ज्योति शर्मा निवासी रतलाम बताया। वह घरवालों के मोबाइल नंबर नहीं दे सकी।
इस पर पुलिस टीम ने ज्योति शर्मा की बहन सीमा पति गोविंद शर्मा निवासी हाट की चौकी (रतलाम) का नंबर खोजा और उन्हें बडऩगर बुलाया। दोनों ने इस सहायता के लिए पुलिसकर्मियों को धन्यवाद दिया। इसी तरह एक अन्य मामले में बडऩगर पुलिस को बस स्टैंड पर नाबालिग बालक मो. समीर पिता मो. अकबर निवासी मधुबनी (बिहार) मिला। वह कुछ बता नहीं पा रहा था। पुलिस ने उसके जीजा मो. नौशाद पिता मो. अलाउद्दीन निवासी ग्राम मुरेठ, मधुबनी का नंबर निकाला और उससे बात कर थाने बुलाया। इसके बाद वीडियोकॉल से बच्चे के माता-पिता से बात कर यह कन्फर्म किया कि थाने पहुंचा शख्स उसका जीजा ही है। इसके बाद बालक को उसके जीजा के सुपुर्द कर दिया गया।









