शादी में शामिल होकर करते थे सूने घरों की रैकी, उत्तरप्रदेश के दो चोर पकड़ाए

फरार साथी की तलाश में जुटी बडऩगर पुलिस
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शादी और बारातों में शामिल होकर सूने मकानों की रैकी करने वाले झांसी (यूपी) के दो चोरों को बडऩगर पुलिस ने गिरफ्त में लिया है। एक साथी फरार है जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा गया है।
बडऩगर टीआई अशोक कुमार पाटीदार ने बताया कि व्यासनगर में रहने वाले ओमप्रकाश रावल अपने परिवार के साथ 29 अक्टूबर को दोपहर में उज्जैन में आयोजित विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। इसी बीच 29-30 नवंबर की दरमियानी रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके सूने मकान के ताले चटकाते हुए 4 लाख नकद और 4 तोले सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया था। शादी से घर लौटने के बाद ओमप्रकाश रावल के पुत्र शेखर ने 2 दिसंबर को बडऩगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद एएसपी ग्रामीण अभिषेक रंजन और एसडीओपी महेंद्रसिंह परमार के मार्गदर्शन में गठित टीम ने जांच शुरू की।
ऐसे पहुंची पुलिस चोरों तक
टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसमें नीले रंग की बलेनो कार क्र. यूपी 9३ सीई 3665 संदिग्ध पाई गई। इसकी जानकारी निकाली तो वाहन मालिक झांसी (उत्तरप्रदेश) का होना पाया गया। इसके बाद टीम झांसी पहुंची और कार मालिक से संपर्क किया तो उसने बताया कि उक्त दिनांक को कार उमेश वर्मा व उसके साथी अरविंद व भूपेंद्र शादी में देवास जाने के लिए ले गए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के घरों पर दबिश दी लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद तकनीकी मदद से आरोपी अरविंद पिता परशुराम कुशवाह, भूपेंद्र उर्फ करिया पिता मातादीन प्रजापति निवासी बरुआ सागर, झांसी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ने रिमांड पर सौंपा
गुरुवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से तीन दिन के रिमांड पर सौंपा गया है। अब दोनों से नकदी और सोने-चांदी के आभूषणों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। आरोपियों का साथी उमेश पिता रामकिशन निवासी उदगुआ, दतिया फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। जांच में दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उनके खिलाफ पहले से झांसी के थाना बरुआसागर में प्रकरण दर्ज हैं।









