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5 दिनों में दो जवान पुलिसकर्मियों की मौत

तनाव, नींद पूरी नहीं होने और अतिरिक्त ड्यूटी से बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा

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अक्षरविश्व न्यूज : उज्जैन। किसी भी सरकारी विभाग में ड्यूटी का समय व साप्ताहिक अवकाश निर्धारित है लेकिन पुलिस विभाग ऐसा है जिसमें न तो ड्यूटी का समय और न ही साप्ताहिक अवकाश मिलता है। परिणाम यह कि पुलिसकर्मियों की सेहत और कार्यक्षमता पर प्रभाव पड़ रहा है। पिछले 5 दिनों में दो जवान पुलिसकर्मी हार्ट अटैक का शिकार हुए जिससे उनकी मृत्यु हो गई है।

खाराकुआं थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक हेमंत कुमार की की घर में अचानक तबियत बिगड़ी परिजन अस्पताल लेकर गए जहां दो दिन उपचार के बाद उनकी मृत्यु हो गई। डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि हेमंत कुमार की हार्ट अटैक के कारण मृत्यु हुई। इसी प्रकार एसपी कार्यालय में पदस्थ आरक्षक गौरव पिता राकेश पांडे 35 वर्ष निवासी महानंदा नगर की घर में अकेले सोते समय मृत्यु हो गई।

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परिजन उसे मृत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उन्हें बताया कि संभवत: साइलेंट अटैक के कारण गौरव की मृत्यु हुई है। दोनों पुलिसकर्मियों की कम उम्र में हार्ट अटैक से मृत्यु पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है। थानों में पदस्थ पुलिसकर्मी जो अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं उनमें सेहत को लेकर भय का वातावरण बन रहा है।

यह रखें सावधानी, मैं ट्रेनिंग के लिये तैयार : डॉ. गर्ग

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पिछले 5 दिनों में दो पुलिसकर्मियों की हार्ट अटैक से मृत्यु के कारण और इससे बचने के उपाय के संबंध में अक्षर विश्व द्वारा शहर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय गर्ग से चर्चा की गई जिसमें उन्होंने हार्ट अटैक के कारण, सावधानी और मदद करने की बात कही जो

इस प्रकार है :- पुलिसकर्मियों का ड्यूटी टाईम निर्धारित नहीं होता साथ ही साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहा ऐसे में पुलिसकर्मियों को खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिये।

बाजार में मिलने वाले कचोरी, समोसे सहित अन्य फास्ट फूड के सेवन से बचना चाहिये।

प्रतिदिन 1 घंटे योग, व्यायाम अनिवार्य रूप से करना चाहिये।

तनाव में रहकर काम करने का सीधा असर हार्ट पर पड़ता है। तनाव से दूर रहें।

प्रतिमाह 30 दिनों में कम से कम 3 दिन परिवारजनों के साथ बिताएं।

ड्यूटी के समय शकाहारी व सात्विक भोजन करें। खासकर रात के समय और 8 घंटे की नींद पूरी करें। डॉ. गर्ग ने कहा कि पुलिसकर्मियों को सीपीआर की ट्रेनिंग भी आवश्यक है। यदि पुलिस अधीक्षक चाहें तो मैं स्वयं पुलिसकर्मियों को सीपीआर की ट्रेनिंग देने को तैयार हूं।

वर्तमान में काम का ऐसा शेड्यूल है पुलिसकर्मियों के लिए

थानों में पदस्थ पुलिसकर्मी 8-8 घंटे की अलग-अलग शि$फट में ड्यूटी करते हैं, लेकिन पर्व, त्यौहार, वीआईपी मूवमेंट, जुलूस, धरना प्रदर्शन आदि दिनों में ड्यूटी व उसका समय बदल जाता है। कई बार ऐसा समय भी आता है कि पुलिसकर्मी 16 घंटे लगातार ड्यूटी करते हैं। हालांकि विभाग द्वारा अतिरिक्त ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों को चाय, नाश्ता व भोजन के पैकेट उपलब्ध कराये जाते हैं लेकिन इसका समय निर्धारित नहीं होता। पूर्व में शासन द्वारा मिलने वाला साप्ताहिक अवकाश वर्तमान में नहीं मिल रहा। अनियमित ड्यूटी व अवकाश नहीं मिलने का सीधा असर पुलिसकर्मियों की सेहत पर पड़ रहा है।

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