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उज्जैन संभाग का औद्योगिक मॉडल प्रदेश में अव्वल

विधानसभा समिति ने दौरा कर स्थिति का जायज़ा लेकर निकाला निष्कर्ष

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उज्जैन। उज्जैन संभाग का औद्योगिक मॉडल प्रदेश में अव्वल है। यह निष्कर्ष मध्यप्रदेश विधानसभा की पत्र परीक्षण समिति ने अपने दौरे के बाद निकाला है। समिति ने संभाग की औद्योगिक गतिविधियों और विकास योजनाओं की वास्तविक प्रगति देखी। विक्रम उद्योगपुरी, मेडिकल डिवाइस पार्क, ताजपुर औद्योगिक क्षेत्र और मक्सी फेज़-2 जैसे प्रोजेक्टों के विस्तार से निवेश और रोजगार में तेजी आई है।

एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ ने समिति को उज्जैन संभाग के औद्योगिक विकास की पीपीटी पर जानकारी दी। इसमें बताया कि उद्योग स्थापित होने से कस्बों और ग्रामीण अंचलों के युवाओं को रोजगार मिल रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी समिति को दी गई। रााठौड़ ने बताया कि सीएम डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुरूप औद्योगिक विकास की मुख्यधारा में छोटे कस्बों और ग्रामीण अंचलों को भी लाया जा रहा है, इसका लाभ स्थानीय युवाओं को मिल रहा है। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और निवेश भी बढ़ रहा है।

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उद्योगपुरी और मेडिकल डिवाइस पार्क का मुआयना
समिति सदस्यों ने विक्रम उद्योगपुरी और मेडिकल डिवाइस पार्क का मुआयना किया। उन्होंने बेस्ट लाइफ टेक्सटाइल और सुधाकर पाइप फैक्ट्री भी देखी। यहां चल रही प्रोडक्शन यूनिट में उत्पादन प्रक्रिया, कर्मचारियों की सुविधाएं और औद्योगिक सुरक्षा मानकों की समीक्षा की।

उज्जैन संभाग में उद्योगों का तेजी से विस्तार

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राठौड़ ने बताया कि पिछले दो साल में उज्जैन संभाग में तेजी से औद्योगिक विकास हुआ है। विक्रम उद्योगपुरी (मेडिकल डिवाइस पार्क), ताजपुर औद्योगिक क्षेत्र, मक्सी फेज़-2 और आईटी पार्क ने रफ्तार पकड़ी है। रतलाम में औद्योगिक पार्क जावरा में करमदी फूड क्लस्टर और मेगा औद्योगिक पार्क निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच और देवास जिलों में भी नए औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार निरंतर बढ़ रहा है। डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी के 312.89 हेक्टेयर में 6481 करोड़ रुपए के निवेश से 18,438 रोजगार आएंगे। मेडिकल डिवाइस पार्क में 222.77 करोड़ रुपए की लागत से 145.71 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, यहां 2899 करोड़ रुपए के संभावित निवेश से 11,356 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। विक्रम उद्योगपुरी का फेज़ 2 करीब 489 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर विकसित किया जा रहा है।

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