उज्जैन-इंदौर 46 KM सिक्सलेन, अगले माह सर्वे

तीन चरणों में बनेगी सड़क टाईम लिमिट मार्च-2028
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। 1619 करोड़ रु. की लागत से प्रस्तावित 46 किमी उज्जैन-इंदौर 46 किमी सिक्सलेन के लिए निर्माण कंपनी से अनुबंध हो चुका है। डिजाइन के लिए इसका सर्वे अगले माह होगा। तीन चरणों में सड़क के काम को पूर्ण करने की टाईम लिमिट मार्च-2028 रखी गई है।
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) उज्जैन-उज्जैन रोड को कर रहा है। कार्य का ठेका देने के बाद निर्माण कपंनी को सर्वे कर डिजाइन तैयार करना है। उदयपुर की निर्माण कपंनी को सड़क बनाने का ठेका मिला है। अनुबंध प्रक्रिया होने के बाद सर्वे होगा।
डिजाइन पूरी होने से पहले एमपीआरडीसी एजेंसी के लिए वर्क ऑर्डर निकालेगी। अधिकारियों के मुताबिक पूरे मार्ग पर किसी भी प्रकार का कोई बाधा नहीं है। न ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया करनी होगी। इससे काफी समय बचेगा। सड़क बनाने की समय सीमा मार्च-2028 रखी गई है। दिसंबर तक निर्माण शुरू करने की योजना है।
सड़क 25 मीटर चौड़ी हो जाएगी
उज्जैन-इंदौर-ोड 17 मीटर चौड़ी है। वहीं दोनों तरफ साढ़े आठ-साढ़े आठ मीटर चौड़ाई है। सिक्स लेन बनने के बाद इंदौर-उज्जैन रोड 25 मीटर चौड़ी होगी। प्रत्येक हिस्सा चार-चार मीटर चौड़ा होगा। उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज से इंदौर के अरबिंदो अस्पताल तक सड़क बनेगी।
मार्ग पर दुपहिया, कार और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग लेन रहेगी। तीन हिस्सों में सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसमें पहला चरण 14 किलोमीटर का रहेगा। बाकी 16-16 किलोमीटर की सड़क बनाई जाएगी। आठ स्थानों पर बड़े जंक्शन रहेंगे। वैसे सांवेर, शांति पैलेस तिराहा और इंजीनियरिंग कॉलेज पर फ्लाईओवर रहेंगे। नदी-नालों पर अतिरिक्त ब्रिज होंगे। साथ ही आधा दर्जन अंडरपास रहेंगे। एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक राकेश जैन का कहना है कि निर्माण को लेकर कुछ प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरी होने के बाद काम दिसंबर तक प्रारंभ होने की उम्मीद है।









