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भगवान महाकाल की सावन की अंतिम सवारी निकली ,नंदी रथ पर उमामहेश

आस्था: देशभर के शिव मंदिरों में भीड़, सावन की आखिरी सवारी होने से उज्जैन में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

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पर्यटन थीम पर केंद्रित रहेगा सवारी का स्वरूप, लोक कलाकार भी रहेंगे

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भगवान श्री महाकाल की चौथी सवारी आज सोमवार को शाम 4 बजे निकलेगी। यह सावन की आखिरी सवारी होगी। इसके बाद भादौ की 2 और सवारियां अगले सोमवार निकलेंगी। सवारी में इस बार उमा-महेश स्वरूप में श्री महाकाल नंदी रथ पर निकलेंगे। इसके अलावा पिछली सवारियों की तरह पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश और गरुड़ रथ पर शिव-तांडव भी सवारी में शामिल रहेंगे।

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चौथी सवारी की थीम पर्यटन है। इस कारण सवारी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों की झांकियां भी शामिल रहेंगी। लोक कलाकारों के नृत्य दल भी प्रस्तुति देंगे। सभा मंडप में पूजन के बाद शाम 4 बजे भगवान महाकाल की पालकी मंदिर से बाहर निकलेगी। मंदिर के बाहर पुलिस जवान गॉर्ड ऑफ ऑनर देंगे और सवारी प्रारंभ होगी जो परंपरागत मार्गों से होती हुई रात 8 बजे मंदिर लौटेगी। इस दौरान रामघाट पर पूजन होगा।

यह झांकियां रहेगी सवारी में

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वन्यजीव पर्यटन- कान्हा, पेंच, रातापानी और पन्ना टाइगर रिजर्व।

धार्मिक पर्यटन-उज्जैन के सांदीपनि आश्रम और ओंकारेश्वर का एकात्मधाम।

ऐतिहासिक स्थल-ग्वालियर और चंदेरी के किले, खजुराहो के मंदिर।

लोक नृत्य दल भी देंगे प्रस्तुति

धार से भगोरिया नृत्य- मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में

छिंदवाड़ा से भड़म नृत्य- मोजीलाल डाडोलिया

उज्जैन से मटकी नृत्य- कृष्णा वर्मा के नेतृत्व में

सिवनी से सैला नृत्य- राहुल धुर्वे के नेतृत्व में

11 बजे तक डेढ़ लाख से अधिक भक्तों ने किए भगवान महाकालेश्वर के दर्शन

सावन के आखिरी सोमवार पर मंदिर में उमड़ी आस्था

सुबह भस्मार्ती में ही 15 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे

सावन के चौथे व अंतिम सोमवार पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए सुबह से ही दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी। सुबह भस्मार्ती में ही करीब 15 हजार लोगों ने दर्शन किए। सुबह 11 बजे तक करीब डेढ़ लाख से अधिक लोग भगवान श्री महाकाल के दर्शन कर चुके थे। मंदिर में दर्शनार्थियों की कतार लगी थी।

सोमवार को तडक़े 2.30 बजे बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के पट खोले गए। इसके बाद भस्मार्ती हुई। सूत्रों के मुताबिक भस्मार्ती में अनुमति धारी करीब 1400 दर्शनार्थियों ने मंदिर के अंदर नंदी हाल व गणेश मंडपम् में बैठकर और करीब 14 हजार ने कार्तिक मंडपम् से कतार में भस्मार्ती दर्शन किए।

सुबह 11 बजे तक डेढ़ लोग दर्शन कर चुके थे और दर्शनार्थियों की कतार मंदिर में लगी हुई थी। हालांकि मंदिर समिति के अधिकृत आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले भी सावन सोमवार पर दर्शनार्थी लाखों की संख्या में महाकाल आए हैं। पहले सोमवार पर 2.5 लाख, दूसरे पर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंचे थे। तीसरे सोमवार को 4 लाख ने भगवान महाकाल के दर्शन किए थे।

संडे को बिके 82 क्विंटल लड्डू, आज भी इतने की ही तैयारी: महाकाल मंदिर के लड्डू प्रसाद की मांग बढ़ती जा रही है। रविवार को करीब 2 लाख दर्शनार्थी 82 क्विंटल लड्डू प्रसाद ले गए हैं। सोमवार को भी करीब इतने ही प्रसाद की तैयारी मंदिर प्रशासन ने की है।

7 हजार पैकेट का उपयोग सीएम के कार्यक्रमों में
रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में रक्षाबंधन, भूमिपूजन आदि कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। इन कार्यक्रम में भी मिठाई के रूप मेें मंदिर के लड्डू प्रसादी का उपयोग हुआ है। यहां पर 100  ग्राम वजन के 7 हजार लड्डू प्रसादी पैकेट भेजे गए हैं।

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