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पशु चिकित्सक ने जहर खाया, मौत

उज्जैन। तराना के नजदीक हनुमति गांव में रहने वाले 25 साल के युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। जहर खाने के बाद उसने फोन पर अपने बुआ के लड़के को इसकी जानकारी दी। उसने तत्काल ही परिवार के लोगों को बताया और जब तक उक्त युवक को अस्पताल ले जाया गया, उसने दम तोड़ दिया।

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मृतक का नाम डॉ. चंद्रपाल पिता भगवान सिंह है। चंद्रपाल पशु चिकित्सक था, कुछ दिन पहले ही उसने भोपाल वेटनरी कॉलेज से डिग्री हासिल करने के बाद तराना में बतौर ट्रेनी काम शुरू किया था। गुरुवार की शाम वह अपने गांव से मोटरसाइकिल पर निकला और करंज गांव के पास पहुंचकर उसने जहर खा लिया। इसके बाद फोन पर बुआ के पुत्र बलराम को इसके बारे में बताया। बलराम इस वक्त उज्जैन था, उसने तत्काल ही परिवार के अन्य लोगों से बात की। परिवार के लोग करंज पहुंचे और चंद्रपाल को अस्पताल लेकर गए लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया था। चंद्रपाल ने आत्महत्या किस वजह से की, यह फिलहाल साफ नहीं हो सका है।

लाश फंदे पर लटकती रही, तीन दिन बाद पता चला, पुलिस ने तोड़ा दरवाजा
आत्महत्या का ही एक ओर मामला चिमनगंज थाना क्षेत्र में पंचक्रोशी रोड विजय नगर का है। यहां रहने वाले लक्ष्मीनारायण पिता मांगीलाल पंवार (४0) का शव गुरुवार शाम उसके घर से बरामद किया गया है। लक्ष्मीनारायण की पत्नी लक्ष्मीबाई मकर संक्रांति के पहले से ही दमोह स्थित मायके गई हुई है। गुरुवार को पड़ोसियों ने उसे फोन पर बताया कि आपके घर का दरवाजा तीन दिन से भीतर से बंद है और बदबू आ रही है। पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई। पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़ा तो देखा भीतर लक्ष्मीनारायण का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था। लक्ष्मीनारायण की भी आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है।

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