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हकीकत बताई तो गिड़गिड़ाने लगे सिविल सर्जन, बोले- आईएम सॉरी

मामला चरक हॉस्पिटल में लिफ्ट बंद होने का

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लिफ्ट में फंसा युवक अक्षर विश्व से बोला- पिता की ड्रेसिंग करवाने गया था, लाइट गुल हुई तो 15  मिनट में हालत खराब हो गई

उज्जैन। चरक अस्पताल में बुधवार को लाइट गुल होने के वीडियो को पुराना बताने वाला सिविल सर्जन के बयान पर झूठ की मोहर उसी युवक ने लगा दी जो लिफ्ट में 15 मिनट अपने पिता के साथ फंसा रहा था। गठान के ऑपरेशन के बाद पिता की ड्रेसिंग करवाने पहुंचने युवक ने गुरुवार को अक्षर विश्व को लिफ्ट की बत्ती गुल होने की पूरी कहानी शब्द-ब-शब्द बयां की।

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दरअसल, बुधवार सुबह 10 बजे चरक अस्पताल में लाइट गुल हो गई थी। इससे लिफ्ट में एक डॉक्टर, दो नर्सिंग स्टूडेंट्स सहित कुछ लोग फंस गए थे। करीब 15 मिनट के बाद लिफ्ट को खोला जा सका था। इस संबंध में अक्षर विश्व ने अव्यवस्था को बेनकाब करते हुए अपने बुधवार के अंक में ‘चरक में बत्ती गुल, लिफ्ट में फंसे डॉक्टर और स्टूडेंट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसका वीडियो भी अक्षर विश्व के पास सुरक्षित है। इसी वीडियो को सिविल सर्जन ने पुराना बताया था। गुरुवार को अक्षर विश्व की टीम पड़ताल करते हुए उस मयूर पवार नाम युवक तक पहुंची जो पिता के साथ लिफ्ट में फंसा था।

लिफ्ट ऑपरेटर ने लाइट गुल होने की बात स्वीकारी : इस संबंध में लिफ्ट ऑपरेटर पंकज सिसौदिया ने पहले लाइट गुल होने की बात स्वीकार की लेकिन जब उससे भी सवाल पूछे गए तो उसने तकनीकी खामी बताकर बात खत्म कर दी।

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15 मिनट में हालत खराब हो गई…

मेरे पिता सीआर पवार निवासी ऋषिनगर का परसों गठान का ऑपरेशन हुआ था। उनकी डे्रेसिंग करवाने के लिए मैं बुधवार सुबह चरक अस्पताल पहुंचा था। हम फोर्थ फ्लोर पर डे्रसिंग करवाने जा रहे थे। फस्र्ट फ्लोर पर पहुंचते ही अचानक लिफ्ट बंद हो गई। हमारे साथ लिफ्ट में एक ड्यूटी डॉक्टर, दो नर्सिंग स्टूडेंट और अन्य लोग भी थे। हमने आवाज लगाई, हेल्प के लिए लगा बटन दबाया लेकिन कोई नहीं आया। इससे अफरा-तफरी मचने लगी। करीब 10:03 बजे मैंने 18 सेकंड का वीडियो भी बनाया। करीब 15 मिनट बाद टेक्नीशियन ने लिफ्ट खोलकर हमें बाहर निकाला। (जैसा सीआर पवार के पुत्र मयूर ने अक्षरविश्व को बताया)

सवालों पर हड़बड़ाए सीएस

इस संबंध में जब सिविल सर्जन डॉ. अजय दिवाकर से चर्चा की तो उन्होंने पहले कहा कि जब लाइट गुल हुई तो मैं अस्पताल में ही था लेकिन जब एक के बाद रिपोर्टर ने सवाल दागे तो वह हड़बड़ा गए और कहने लगे कि उस वक्त मैं कलेक्टर साहब के पास था। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इतना जरूर कहा कि लाइट गुल हो जाए तो हमारे पास दो जनरेटर हैं लेकिन फिर उन्होंने यह भी माना कि तकनीकी फॉल्ट भी हो सकता है। वीडियो की सच्चाई सामने आने और पिता के साथ लिफ्ट में फंसे युवक के बयान के बाद उन्होंने गलती मानी और गिड़गिड़ाते हुए कहा कि मैं आपको सॉरी बोलता हूं। आईएम सॉरी…।

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