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चिलम के साथ युवकों को पकड़ा, केस और जुर्माने की दी धमकी

रामघाट : श्रद्धालुओं को धमकाकर अवैध वसूली की जुगाड़, होमगार्ड और एसडीआरएफ के जवानों का कारनामा

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन पिछले माह शिप्रा नदी के रामघाट पर राजस्थान के श्रद्धालुओं से मारपीट का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि आज सुबह एसडीआरएफ के जवानों ने मौलाना मौज की दरगाह के पास बैठे जतारा टीकमगढ़ के श्रद्धालुओं को चिलम के साथ पकड़ा और एनडीपीएस का केस बनाने की धमकी देकर 5000 रुपये जुर्माने की मांग भी कर डाली। अक्षर विश्व की टीम मौके पर पहुंची तो श्रद्धालुओं ने आपबीती सुनाई तब तक एसडीआरएफ के जवान मौके से भाग गये।

 

हम तो समझा रहे थे

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अपना नाम न बताते हुए एसडीआरएफ के एक जवान ने शुभम तिवारी के आरोप पर सफाई दी और बोला कि हम तो सिर्फ समझाईश दे रहे थे। हमने कोई धमकी नहीं दी। घाट पर किसी प्रकार का नशा करना प्रतिबंधित हैं, हालांकि उक्त जवान के सफाई देने के दौरान उसके साथ आये 4 जवान मौके से चले गये थे।

कमांडेंट बोले… जवान समझाने गये थे

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होमगार्ड कमांडेंट संतोष जाट ने बताया कि घाट पर तैनात एसडीआरएफ के जवानों से घटना की जानकारी ली गई है। उनका जवाब है कि घाट पर नहा रही महिलाओं की शिकायत पर हम लोग युवकों को चिलम नहीं पीने के लिये समझाने गये थे। उन्हें यह भी बताया था कि सार्वजनिक स्थान पर नशा करने पर एनडीपीएस के तहत कार्रवाई व जुर्माना लगता है।

यह था मामला

मैं अपने दोस्त संस्कार जैन, नमन शर्मा, अंशुल चतुर्वेदी के साथ जतारा टीकमगढ़ से उज्जैन दर्शन को आये हैं। शिप्रा नदी में स्नान के लिये चारों दोस्त मौलाना मौज की दरगाह के पास गये थे। नदी में स्नान के बाद दो दोस्त चिलम लेकर दरगाह की सीढिय़ों के पास बैठे थे चिलम जलाई भी नहीं थी। तभी होमगार्ड के जवान आये और बोले यहां बैठकर गांजा पी रहे हो यह कहते ही उन्होंने चिलम छीनकर फेंक दी। इतनी देर में 4 दूसरे जवान भी आ गये। उन्होंने कहा कि तुम्हे थाने चलना पड़ेगा। चारों के खिलाफ एनडीपीएस का केस दर्ज करेंगे। 5000 रुपये जुर्माना लगेगा। हमने जवानों को बताया कि चिलम में भांग डालकर पीने वाले थे। आपने रोका तो हम लोग यहां से जा रहे हैं। हमसे गलती हो गई। माफ कर दो। लेकिन होमगार्ड के जवान कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। वह थाने चलने की धमकी देते रहे। माफी मांगने के साथ उन्हें अपना परिचय भी दिया लेकिन एसडीआरएफ जवान आशीष यादव और उसके साथी केस बनाने और जुर्माने की धमकी दे रहे थे। युवक द्वारा लगाए गए आरोप के आडियो वीडियो अक्षर विश्व के पास सुरक्षित हैं।
(जैसा कि श्रद्धालु शुभम तिवारी निवासी जतारा ने बताया)

जब चिलम जली ही नहीं तो शिकायत किसने की

शुभम तिवारी निवासी जतारा ने बताया कि दोस्त चिलम में सूखी भांग भरकर पीने वाले थे उसके पहले ही होमगार्ड जवानों ने रोक दिया। जब चिलम जली ही नहीं, आसपास कोई महिलाएं भी मौजूद नहीं थीं तो जवानों को किस महिला ने शिकायत की और माफी मांगने के बाद थाने चलने, एनडीपीएस का केस बनाने व 5000 रुपये जुर्माना मांगने के साथ धमकी देने की क्या जरूरत थी।

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