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अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी एवं सात भारतीय भाषाओं में होगी

शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने निर्णय का स्वागत किया

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उज्जैन। अखिल भारतीय तकनीकी परिषद नईदिल्ली द्वारा निर्णय लिया गया है कि आगामी शिक्षण सत्र से अभियांत्रिकी की पढ़ाई अंग्रेजी के साथ सात भारतीय भाषाओं में भी होगी।

हिंदी, बंगाली, मराठी, तेलगु, गुजराती, कन्नड़ एवं मलयालम भाषाओं में विद्यार्थी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकेंगे। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास विगत कई वर्षों से प्रयासरत था कि हमारी शिक्षा मातृभाषा में होना चाहिये।
मां, मातृभूमि और मातृ भाषा का कोई विकल्प नहींÓ के उद्घोष वाक्य के साथ न्यास मातृ भाषा में शिक्षा के लिए शासन को अनेक ज्ञापन दे चुका था।

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अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे को इस निर्णय पर आभार एवं अभिनंदन पत्र भेजकर न्यास के सचिव अतुल कोठारी, तकनीकी शिक्षा के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. रविप्रकाश तिवारी, राष्ट्रीय सहसंयोजक डॉ. प्रदीप गोयल ने कहा है कि सभी विकसित राष्ट्रों में शिक्षा मातृ भाषा में दी जा रही है। भारत में मातृभाषा में शिक्षा के इस निर्णय से सुदुर अंचल के विद्यार्थी भी अभियांत्रिकी को मातृभाषा में प्राप्त कर सकेंगे। जिससे भारतीय भाषाओं के साथ विद्यार्थियों को लाभ होगा। हर अंचल का विद्यार्थी देश के विकास में सहायक होगा। न्यास के क्षेत्रीय संयोजक अशोक कड़ेल, प्रांत संयोजक डॉ. राकेश ढंड ने निर्णय को स्वागत योग्य एवं दूरगामी बताया है। यह जानकारी न्यास के प्रचार प्रसार संयोजक डॉ. जफर महमूद ने दी।

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