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उज्जैन:पुलिस ने जिसे मृत समझा वही निकला हत्यारा

युवक को पार्टी करने घर से बुलाकर ले गये दोस्त, हत्या के बाद पेट्रोल से जला दी लाश

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पुलिस जिसकी हत्या समझी रही थी वह जिंदा मिला, तीन आरोपी हिरासत में

उज्जैन।घट्टिया थाना क्षेत्र के ग्राम दौलतपुरा में रहने वाले लालसिंह पिता दयाराम के घर में जली हुई लाश पड़ी होने की सूचना चौकीदार ने पुलिस को दी। पुलिस व एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। चेहरा जला होने के कारण पुलिस समझी की लाश लालसिंह की है। शव को पीएम के लिये जिला चिकित्सालय भेजा गया। पुलिस जिसे मृत समझ रही थी वह जिंदा मिला। जिसे पकडऩे के बाद हत्या की कहानी का पर्दाफाश हुआ।

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दोस्त दो दिन पहले घर से बुलाकर ले गये थे
पंकज पिता देवीलाल 25 वर्ष निवासी ग्राम बिछड़ौद थाना घट्टिया मजदूरी करता था। उसे लालसिंह पिता दयाराम 27 वर्ष निवासी दौलतपुर पार्टी मनाने के लिये बुधवार शाम घर से मोटर सायकल पर बैठाकर ले गया था। गुरूवार सुबह दौलतपुर के चौकीदार ने पुलिस को सूचना दी कि लालसिंह के घर में जली हुई लाश पड़ी है। पुलिस व एफएसएल की टीम यहां पहुंची। शव का चेहरा सहित 70 प्रतिशत जला होने के कारण शिनाख्ती नहीं हो पा रही थी।

लालसिंह घर पर नहीं था तो पुलिस ने माना कि लाश लालसिंह की है। शव जब्त कर पीएम के लिये जिला चिकित्सालय भिजवा दिया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला था कि हत्या के बाद पहचान छुपाने के लिये शव को पेट्रोल डालकर जलाने का प्रयास किया गया है। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। लोगों ने पुलिस को बताया कि लालसिंह के घर में पंकज पिता देवीलाल, बलराम पिता राधेश्याम, जितेनद्र मोंगिया ने शराब पार्टी की थी। इस पर पुलिस ने उक्त लोगों की तलाश शुरू की तो बलराम पकड़ में आया। उसने पूछताछ में कहा कि जो लाश मिली है वह पंकज पिता देवीलाल की है। लालसिंह हत्या के बाद भाग गया है।

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दराते से गला काटा, रुपयों को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस ने पंकज के परिजनों को हत्या की सूचना दी। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर शव की शिनाख्त की। वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने लालसिंह, बलराम और जितेनद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला कि लालसिंह के घर में शराब पार्टी करते समय पंकज और लालसिंह के बीच 500 रुपयों को लेकर विवाद हुआ था। लालसिंह ने दराते से पंकज का गला काट दिया और पेट्रोल डालकर शव को जला दिया। पार्टी में कुल 5 लोग थे। पंकज की हत्या के बाद चारों भाग गये थे। इनमें से तीन को पुलिस हिरासत में ले चुकी है।

इकलौता पुत्र था

पंकज के भांजे संतोष चौहान ने बताया कि उसके पिता की मृत्यु दो वर्ष पहले बीमारी के कारण हो चुकी है। तीन बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है। पंकज मजदूरी करता था और विधवा मां का इकलौता सहारा था। उसकी हत्या क्यों की गई इसकी जानकारी परिजनों को भी नहीं है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या के पीछे कुछ और कारण भी हो सकते हैं जिसकी जांच जारी है। साथ ही फरार आरोपी की तलाश जारी है। परिजनों के मुताबिक पंकज की शादी अभी नहीं हुई थी। अभी उसकी मां को बेटे की मृत्यु की सूचना नहीं दी गई है।

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