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उज्जैन:वार्डों के वैक्सीनेशन सेंटरों पर पहले दिन रही लापरवाही…

कई जगह रजिस्ट्रेशन करने वाली टीम पहुंची ही नहीं

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उज्जैन।आज से 45 वर्ष से ऊपर की उम्र वर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का काम शुरू हो चुका है। प्रशासन द्वारा शहर के 54 वार्डों में 57 वैक्सीनेशन सेंटर बनाये गये हैं। पहले दिन इन सेंटरों पर आधा स्टाफ नहीं पहुंचा। साथ ही लोगों में भी टीकाकरण की जानकारी का अभाव देखा गया।

 

शासन द्वारा 45 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को कोरोना टीका लगाने के आदेश जारी किये हैं। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग द्वारा उज्जैन के 54 वार्डों में 57 वैक्सीनेशन सेंटर स्थापित किये गये ताकि लोग अपने-अपने घरों के पास ही टीकाकरण की सुविधा का लाभ ले पाएं, लेकिन वैक्सीनेशन के पहले दिन अनेक वार्डों में अव्यवस्था नजर आई। ऋषि नगर स्थित सरस्वति शिशु मंदिर के वैक्सीनेशन सेंटर में एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समय पर पहुंची लेकिन रजिस्ट्रेशन वाला स्टाफ यहां नहीं आया। एएनएम का कहना था कि ड्यूटी की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पाई। इसी प्रकार दमदमा स्थित स्वास्थ्य केन्द्र पर एक डॉक्टर व एक नर्स समय पर पहुंचे लेकिन यहां भी रजिस्ट्रेशन स्टाफ नहीं आया था इस कारण वैक्सीन लगवाने यहां आये लोगों को इंतजार करने के लिये कुर्सी पर बैठा दिया गया। पहला दिन होने के कारण वार्डों के लोगों तक टीकाकरण की जानकारी भी नहीं पहुंच पाई थी इस कारण केन्द्रों पर इक्का दुक्का व्यक्ति ही पहुंचे।

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सप्ताह में 4 दिन सेंटरों पर होगा वैक्सीनेशन

रोज 20 हजार का टारगेट, वैक्सीन का पर्याप्त स्टाक

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उज्जैन। 45 वर्ष से अधिक उम्र वर्ग के लोगों को शहर के 57 सेंटरों पर कोरोना वैक्सीन लगाने का काम शुरू हो चुका है। इसके अंतर्गत सप्ताह के 4 दिन सेंटरों पर पहुंचकर लोग वैक्सीन लगवा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले के लिये वैक्सीन का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध है। सप्ताह के प्रत्येक सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को वैक्सीनेशन सेंटरों पर कोरोना वैक्सीन लगाई जायेगी। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक स्वास्थ्य व अन्य विभाग की टीमों द्वारा 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने का काम 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है। शासन द्वारा प्रतिदिन 20 हजार वैक्सीन लगाने का टारगेट दिया गया है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के पास 1 लाख वैक्सीन उपलब्ध हैं और इसके समाप्त होने से पहले और टीके पहुंच जाएंगे।

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