एलिवेटेड ब्रिज के लिए 100 दुकानों पर खतरा, 40 फीट तक टूटेंगी दुकानें

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इंदौर गेट-देवास गेट के बीच गुरुवार को चौड़ीकरण का लाल निशान लगते ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया। दरअसल लोनिवि के सिंहस्थ डिवीजन ने एलिवेटेड ब्रिज निर्माण के लिए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के सामने स्थित करीब 100 से अधिक प्रतिष्ठानों पर मार्किंग की है। इस कार्रवाई से होटल, लॉज, रेस्टोरेंट और गैरेज संचालकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उनके प्रतिष्ठान 20 से लेकर 40 फीट तक टूट जाएंगे। व्यापारियों का कहना है कि सिंहस्थ 2016 में ही ड़क चौड़ीकरण के तहत उनके प्रतिष्ठान 20-20 फीट तोड़े जा चुके हैं। अब एक बार फिर 20 से 40 फीट की मार्किंग की गई है।
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शहर में करोड़ों के दो एलिवेटेड ब्रिज की तैयारी
मकोडिय़ाआम से गदा पुलिया- यह ब्रिज लगभग 3.7 किमी लंबा होगा और इसकी लागत 510 करोड़ रुपए है। इसी मार्ग पर टीम ने मार्किंग की है। इसका उद्देश्य मेडिसिटी, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन की भीड़ को प्रबंधित करना है।
निकास चौराहा से इंदौर गेट- इसकी लागत 99.34 करोड़ रुपये है और लंबाई 1.2 किमी है। इस ब्रिज के बनने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी।
सीएम से गुहार लगाएंगे प्रभावित व्यापारी
मार्किंग से सकते में आए व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिल चुका है। वह शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने की तैयारी कर रहा है। व्यापारियों का तर्क है कि एलिवेटेड ब्रिज बनने से नीचे का कारोबार पूरी तरह खत्म हो जाएगा, इसलिए प्रोजेक्ट के डिजाइन में बदलाव की जरूरत है।









