चिंतामन गणेश मंदिर में कल से जत्रा इस बार पांच बुधवार का है संयोग

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री चिंतामन गणेश मंदिर में चैत्र मास की जत्रा कल 4 मार्च, बुधवार से शुरू होने जा रही है। मालवा की संस्कृति में रची-बसी इस जत्रा (मेला) की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस वर्ष चैत्र मास में पांच बुधवार आ रहे हैं, जिससे पांच जत्राओं का संयोग बन रहा है। पंडित शंकर पुजारी के अनुसार, पूजन-अभिषेक व चोला श्रृंगार के बाद सुबह 7 बजे से दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे।
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चैत्र मास भगवान गणेश की आराधना के लिए अति शुभ माना जाता है। मालवा की परंपरा में इस मास का कृषि आधारित महत्व भी है। चैत्र में गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाती है, और इसी श्रद्धा भाव के साथ किसान अपनी नई फसल का पहला भाग भगवान चिंतामन गणेश को अर्पित करने पहुँचते हैं। इसी वजह से यहाँ हर बुधवार मेले जैसा दृश्य रहता है, जिसे स्थानीय बोली में जत्रा कहा जाता है।
गर्मी को देखते हुए मंदिर प्रशासन की तैयारी
चैत्र मास में बढ़ती तपिश को देखते हुए मंदिर प्रशासक अभिषेक शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। खुले क्षेत्रों में शामियाने लगाए जा रहे हैं ताकि भक्तों को कतार में खड़े होने पर परेशानी न हो।गर्म फर्श पर पैर न जलें, इसके लिए कारपेट बिछाए जा रहे हैं। साथ ही शीतल पेयजल, पंखे और कूलर की समुचित व्यवस्था की गई है। बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाहन पार्किंग और जूता स्टैंड के विशेष काउंटर बनाए गए हैं।
चैत्र मास: जत्रा का कैलेंडर
पहली जत्रा 04 मार्च
दूसरी जत्रा 11 मार्च
तीसरी जत्रा 18 मार्च
चौथी जत्रा 25 मार्च
राजसी जत्रा 01 अप्रैल
(विशेष समापन)










