पंचमपुरा में मंदिर हटाने के बाद पथराव, सब-इंस्पेक्टर का सिर फटा, एक युवक हिरासत मे

चौड़ीकरण पर चिकचिक, उबल रहा गुस्सा

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। सिंहस्थ- 2028 के लिए चौड़ी की जा रहीं सडक़ों को लेकर चिकचिक का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस चिकचिक ने शनिवार शाम हिंसक रूप ले लिया। दो तालाब-पंचमपुरा-देवासरोड सडक़ चौड़ीकरण के दौरान माता मंदिर को हटाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि पथराव हो गया। बीच-बचाव में माधवनगर थाने के उपनिरीक्षक अंकित बनोधा का सिर फट गया। उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
नगर निगम के प्रभारी सहायक यंत्री मुकुल मेश्राम के अनुसार वार्ड 45 में चल रहे सडक़ चौड़ीकरण की जद में माता मंदिर भी आ रहा है। इसे दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए रहवासियों से चर्चा हुई थी। नया स्थान (ओटला) भी तैयार कर लिया था। शनिवार शाम मंदिर हटाने का काम शुरू ही हुआ था कि एक पक्ष विरोध करने लगा और उसने बजरंग दल वालों को मौके पर बुला लिया। दूसरा पक्ष विकास का हवाला देते हुए मंदिर शिफ्ट करने का समर्थन कर रहा था। ऐसे में दोनों गुट आपस में भिड़ गए। एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर, सीएसपी दीपिका शिंदे और तीन थानों (माधवनगर, नानाखेड़ा और नीलगंगा) का बल मौके पर पहुंचा और भीड़ को हटाया।
चौड़ीकरण के दायरे से नाराजगी
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए चौड़ीकरण को जरूरी माना जा रहा है। पर हर जगह सडक़ की चौड़ाई कम करने की मांग उठ रही है।
पीपलीनाका : विधायक का कार्यालय घेरा
मार्च 2026 में पीपली नाका क्षेत्र में सडक़ चौड़ीकरण के लिए लगाएनिशानों को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। लगभग 400 से अधिक रहवासियों ने विधायक अनिल जैन कालूखेड़ा का कार्यालय घेर दिया।
पीपलीनाका : कांग्रेस बीजेपी पार्षद में झड़प
9अप्रैल को ही नपती के दौरान कांग्रेस नेता अशोक भाटी और भाजपा पार्षद गब्बर भाटी के बीच विवाद हुआ था। पीपलीनाका चौराहा- जूना सोमवारिया सडक़ चौड़ीकरण के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण और नगर निगम की टीम नपती करने पहुंची थी।
महाकाल चौराहा, ढाबा रोड: व्यापारियों की हड़ताल
मार्च 2026 में ही महाकाल चौराहा- ढाबा रोड तक सडक़ चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों ने दुकानें बंद रख विरोध जताया था।
एमआर-4 के रहवासी कहते हैं न घर टूटे ना मंदिर, ऐसा प्रयास करें:
1. क्षेत्रवासी रमेश रायकवार ने बताया कि शासन को ऐसे प्रयास करना चाहिए कि न घर टूटे और ना ही मंदिर। दोनों ही बहुत मेहनत से बने हैं। 2. दीपक झांझोट 3. राजेंद्र सिंह बैस और 4. मंदिर पुजारी शेषनारायण शर्मा कहते हैं कि इलाके को अतिक्रमण मुक्त ही कर दे तो रोड काफी चौड़ा हो जाएगा। ऐसे में तोडफ़ोड़ की जरूरत नहीं होगी।
यहां भी प्राचीन मंदिर, इनकी शिफ्टिंग में भी आएगी परेशानी: एमआर४ मार्ग यानी गाड़ी अड्डा से मक्सी रोड और एमआर५ को मिलाने वाले रोड पर भी मंदिर हैं। इन्हें शिफ्ट करने में भी दिक्कत हो सकती है। इस रोड पर ज्ञानेश्वरी माता मंदिर, शीतला माता मंदिर और हनुमान मंदिर हैं। इनको कैसे शिफ्ट करना है फिलहाल इसकी प्लानिंग नहीं है। इस रोड के रहवासी भी चौड़ीकरण की सीमा का विरोध कर रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड के मकान तोडऩे के विरोध में प्रशासन से लेकर हाउसिंग बोर्ड तक का दरवाजा खटखटाया गया है। हालांकि अभी निर्णय कुछ निकला नहीं है।
स्टे की आशंका, एलिवेटेड ब्रिज को लेकर कैवियट
उज्जैन। हरिफाटक ओवरब्रिज-मकोडिय़ा आम और इंदौरगेट-निकास चौराहा ऐलिवेटेड ब्रिज निर्माण में स्टे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कैवियट दाखिल कर दी है। ऐसे में स्टे देने से पहले कोर्ट निर्माण एजेंसी का पक्ष भी साथ में सुनेगी और उसके बाद फैसला करेगी। करीब ५.३५ किलोमीटर लंबे दोनों एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण में देवासगेट,इंदौरगेट, दौलतगंज, नईसडक़, कंठाल चौराहा का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा है। घने व्यवसायिक क्षेत्र के दुकानदार इससे परेशान हैं। वह प्रशासन से मिल चुके हैं लेकिन कोई ठोस हल नहीं होने के कारण वह कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।









