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पूरे साल 40 करोड़ संपत्तिकर जुटाया, बजट 4592 करोड़ का आया

विशेष सम्मेलन में कल पेश होगा नगर निगम का बजट, विपक्ष की आपत्ति

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नगर निगम का साल 2026-27 का आम बजट मंगलवार को होने वाले विशेष सम्मेलन में पेश होगा। रविवार को ही पार्षदों को बजट की प्रति उपलब्ध कराई गई। खास बात यह है कि नगर निगम का इस बार का बजट 4592 करोड़ का दर्शाया गया है, जबकि जमीनी हकीगत यह है कि पूरे साल का नगर निगम की सारे स्रोत से आय और निर्माण सहित स्थापना का वास्तविक व्यय 400 करोड़ रुपए से ज्यादा जाता ही नहीं है। विपक्ष का आरोप है कि बजट को भव्य दिखाने के लिए आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर बताने की कोशिश हुई है।

नगर निगम का बजट विशेष सम्मेलन मंगलवार की सुबह 11.30 बजे अध्यक्ष कलावती यादव की उपस्थिति में शुरू होगा। आयुक्त द्वारा महापौर परिषद के समक्ष अपना बजट रखने और महापौर परिषद में इसमें संशोधन होने के बाद आने वाले साल का बजट अब 4592 करोड़ रुपए का हो गया है। इसमें 22 लाख 50 हजार रुपए की बचत होना दर्शाई गई है।

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समस्याओं पर चर्चा नहीं चाहती सत्ता

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने बताया कि नगर निगम का पिछला सम्मेलन भी विशेष सम्मेलन था, इस बार बजट को साधारण सम्मेलन में रखा जाना था। विशेष सम्मेलन होने की स्थिति में पार्षदों द्वारा लगाए गए प्रश्नों का उत्तर देने के लिए अधिकारी बाध्य नहीं होते है। बजट का सम्मेलन यदि साधारण सम्मेलन होता तो इसमें पार्षदों द्वारा लगाए गए प्रश्नों के जवाब भी देना होते। इसके अलावा तय नियम के मुताबिक पार्षदों को बजट पर चर्चा से पूर्व कम से कम 7 दिन का समय मिलता। राय ने आरोप लगाया कि पक्ष के लोग शहर की समस्याओं के संबंध में चर्चा ही नहीं करना चाहते है, इसी वजह से बजट को विशेष सम्मेलन के जरिए पारित कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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आमदनी उठन्नी खर्चा रुपैय्या
नगर निगम की हालत आमदनी अठन्नी-खर्चा रूपैय्या जैसी है। कर्मचारियों की तनख्वाह, पेंशन, बिजली के बिल, गाडिय़ों का डीजल-पेट्रोल मिलाकर हर महीने औसत 19 करोड़ का खर्च आता है। इसके ठीक विपरीत पूरे साल में नगर निगम शहर से केवल 40 करोड़ रुपए ही संपत्तिकर अर्जित कर सकी है। पूरे साल में पार्षदों के हिस्से के करीब 25 करोड़ रुपए के काम होने थे, वे तक पूरे नहीं हो सके है। पिछले करीब 2 साल से ठेकेदारों की 35 करोड़ रुपए की देनदारी अटकी है।

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