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फतेहाबाद ट्रैक के दोहरीकरण की कवायद, सर्वे कराया

इंदौर-फतेहाबाद-रतलाम दोहरीकरण का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड के पास पहुंचा

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन रेल सेवाओं का विस्तार करने के लिए नई रेललाइन बिछाने के साथ ही दोहरीकरण का कार्य जारी है। इसके साथ फतेहाबाद ट्रैक के दोहरीकरण की कवायद भी चल रही है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने इंदौर-फतेहाबाद-रतलाम रेललाइन दोहरीकरण का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। वहीं 22 किमी लंबे उज्जैन-फतेहाबाद लाइन के दोहरीकरण का सर्वे कराया गया है। इंदौर-फतेहाबाद-रतलाम के 120 किमी लंबे रूट के दोहरीकरण कार्य में करीब 1760 करोड़ रुपये खर्च आएगा। बोर्ड की मंजूरी के बाद अगले वर्ष दोहरीकरण कर कार्य शुरू हो सकता है।

फतेहाबाद-उज्जैन का भी होगा दोहरीकरण

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पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा फतेहाबाद से उज्जैन रेल रूट का दोहरीकरण सर्वे भी कराया गया है। 22 किमी लंबे इस रूट का दोहरीकरण भी किया जाएगा। इससे ट्रेनों का आवागमन आसानी हो सकेगा। इंदौर-फतेहाबाद-उज्जैन रूट से वर्तमान में सेमी हाई स्पीड़ ट्रेन वंदेभारत का संचालन भी किया जा रहा है। देवास-मक्सी रूट के दोहरीकरण का भी सर्वे करने की योजना तैयार की जा रही है। 36 किमी लंबे इस रूट से ट्रेनें उज्जैन जाए बिना भोपाल पहुंच सकती हैं।

रेलवे द्वारा रतलाम मंड़ल के इंदौर से धार तक नई रेललाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त महू-सनावद गेज परिवर्तन, राऊ-महू और इंदौर-देवास-उज्जैन दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। दोहरीकरण के दोनों प्रोजेक्ट इस साल दिसंबर तक खत्म हो जाएंगे। इसके बाद 2024 से इंदौर-फतेहाबाद-रतलाम दोहरीकरण का कार्य शुरू हो सकता है।इस रूट पर अभी सिंगल लाइन होने से यात्री ट्रेनों को बार-बार क्रासिंग के लिए रोकना पड़ता है। भविष्य में ट्रेनों के अतिरिक्त परिचालन को देखते हुए रेलवे इंदौर से जुडऩे वाले इंदौर-देवास-उज्जैन, राऊ-महू और इंदौर-फतेहाबाद-रतलाम रूट का दोहरीकरण कर रहा है। इससे ट्रेनों का संचालन आसान हो सकेगा।

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दिसंबर में पूरा होगा दोहरीकरण का कार्य

इंदौर-देवास-उज्जैन और राऊ-महू के बीच चल रहा दोहरीकरण कार्य इसी साल पूरा कर लिया जाएगा। बरलाई से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन के बीच 27 किमी के हिस्से में दोहरीकरण का कार्य जारी है। कुछ हिस्से में पटरियां बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। नवंबर में इस ट्रैक पर ट्रायल किया जा सकता है। इसके अलवा राऊ-महू ट्रैक को भी दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रेलवे ने रखा है।

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