बोले-पूरी दुकान खत्म हो जाएगी, क्या करेंगे

एलिवेटेड रोड से देवासगेट-इंदौर गेट के व्यापारी चिंतित
उज्जैन। हरिफाटक ब्रिज से चिमनगंज मंडी और निकास चौराहे से इंदौर गेट तक बनने वाले एलिवेटेड रोड ने इस इलाके में कारोबार करने वालों की पेशानी पर बल ला दिए हैं। भारी ट्रैफिक को व्यवस्थित करने की इस योजना से व्यापारियों को अपना पेशा खत्म होने का डर सता रहा है।
हालांकि वह योजना के विरोध में तो नहीं हैं लेकिन वह चाहते हैं कि विकास ऐसा हो कि उनका कारोबार भी बचा रहे। एलिवेटेड फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के लिए लोक निर्माण विभाग (सिंहस्थ डिविजन) ने काम शुरू कर दिया है। विभागीय स्तर पर टेंडर जारी हो गया है और कंपनियों से निविदा भी बुला ली गई है। प्रस्तावित दोनों रोड के दायरे मे 100 से अधिक दुकानें आ रही हैं।
क्या कह रहे हैं कारोबारी
होटल गिरनार के संचालक विजय पांचाल ने बताया कि २०१४ में हुए रोड चौड़ीकरण में उनकी होटल का काफी हिस्सा टूटा था। अब जो माॢकंग की गई है उसमें होटल बचेगा ही नहीं। इंदौर गेट स्थित एटलस होटल के संचालक जतिन शिवहरे ने बताया कि उज्जैन अभी मेट्रो सिटी नहीं है। एलिवेटेड जैसे बड़े प्रोजेक्ट से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। बीच का रास्ता निकालना चाहिए। ऑटो पाट्र्स व्यापारी मनोज राठौर कहते हैं कि उनकी दुकान की लंबाई ही 45 फीट है। नपती 50 फीट की हुई है। ऐसे में दुकान तो बचेगी ही नहीं।
दो बड़े प्रोजेक्ट्स से बदलेगी शहर की सूरत
दरअसल पुराने शहर के दायरे में आने वाले इस क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव बहुत है। शहर के प्रमुख व्यवसायिक इलाका होने से यहां टू-व्हीलर और फोर व्हीलर की भरमार सुबह से देर रात तक लगी रहती है। ऐसे में यातायात दबाव को कम करने के लिए ही दो एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। इंदौर गेट-निकास चौराहा एलिवेटेड रोड करीब 1.7 किमी लंबा है। इससे रेलवे स्टेशन से अंकपात तरफ जाने में आसानी होगी। इसी तरह चिमनगंज मंडी से हरिफाटक पुल तक 3.5 किमी लंबा फोरलेन एलिवेटेड भी इंदौर गेट के ऊपर से गुजरेगा।









