संध्या-शयन आरती शुल्क मुद्दा: बाहरी श्रद्धालु प्रसन्न, स्थानीय दिखा रहे नाराजगी

महाकाल मंदिर प्रबंधन ने भक्तों के वीडियो जारी किए, श्रद्धालुओं ने सराहा
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उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या-शयन आरती सशुल्क करने को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया हो रही है। बाहरी श्रद्धालु नई व्यवस्था से प्रसन्न हैं तो स्थानीय सोशल मीडिया पर नाराजगी जता रहे हैं। मंदिर प्रबंधन ने बाहरी श्रद्धालुओं के वीडियो जारी किए हैं। इसमें व्यवस्था को बेहतर बताया है।
श्री महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने गुरुवार से संध्या और शयन आरती व्यवस्था को बेहतर करने के लिए संध्या और शयन आरती को सशुल्क किया है। इसके मुताबिक संध्या आरती के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर की लिंक पर दोपहर 12 और शयन के लिए शाम 5 बजे से ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है। संध्या आरती में प्रवेश शाम 6 बजे और शयन आरती में रात 10 बजे तक प्रवेश लिया जा सकता है। इसके लिए 250 रुपए का शुल्क चुकाना होगा। नई व्यवस्था के तहत गुरुवार को बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग कर आरती का लाभ लिया। हालांकि नई व्यवस्था का स्थानीय लोग सोशल मीडिया पर विरोध कर रहे हैं।
पहले क्या थी संध्या और शयन आरती की व्यवस्था
नई व्यवस्था से पहले संध्या और शयन आरती में किसी तरह की बुकिंग नहीं होती थी। नंदी हॉल, गणेश मंडपम, कार्तिकेय मंडपम से यहां प्रवेश मिलता था। नंदी हॉल प्रोटोकॉल दर्शनार्थियों के लिए करीब-करीब आरक्षित रहता था। जबकि गणेश मंडपम में लोग खड़े रहकर आरती में शामिल होते थे।
नई व्यवस्था में कार्तिकेय मंडपम से आम श्रद्धालुओं को चलित दर्शन
नई व्यवस्था में संध्या और शयन आरती में बुकिंग और नि:शुल्क दोनों तरह से प्रवेश दिया जा रहा है। बुकिंग वाले गणेश मंडपम से आरती में शामिल हो सकते हैं, जबकि नि:शुल्क वालों को कार्तिकेय मंडपम से दर्शन कराए जा रहे हैं। नंदी हॉल पहले की तरह प्रोटोकॉल के लिए आरक्षित है।
व्यवस्था क्यों लागू की और विरोध क्यों
मंदिर प्रबंध समिति को नई व्यवस्था दो कारणों से लागू करनी पड़ी।
पहला- भस्मार्ती के समान ही बड़ी संख्या में लोग संध्या और शयन आरती करना चाहते हैं लेकिन आरती की निश्चितता उनको नहीं रहती थी। बुकिंग होने से अब वह आश्वस्त हो जाएंगे कि दोनों में उनका स्थान सुरक्षित है।
दूसरा- जगह की निश्चितता नहीं होने से संध्या-शयन आरती के इच्छुक दर्शनार्थी बिचौलियों के संपर्क में आते थे और ठगी का शिकार होते थे। नई व्यवस्था से बिचौलियों पर अंकुश लगेगा।
नि:शुल्क प्रवेश भी होगा दोनों आरतियों में
संध्या-शयन आरती में बुकिंग व्यवस्था की अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। बाहरी श्रद्धालुओं ने नई व्यवस्था पर खुशी जाहिर की है। नि:शुल्क आरती करने वालों को भी रोका नहीं गया है। वह कार्तिकेय मंडपम से आरती कर सकते हैं।
प्रथम कौशिक, प्रशासक
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति









