सिंहस्थ के काम रात में भी चलेंगे क्वालिटी से समझौता मंजूर नहीं

मेला अधिकारी संभागायुक्त ने की समीक्षा, ब्रिज और सड़क निर्माण में तेजी लाने पर जोर
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ की तैयारियाँ अब धरातल पर तेज हो गई हैं। मेला अधिकारी आशीष सिंह ने निर्माण की गति बढ़ाने के लिए नाइट शिफ्ट में भी कार्य जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की जाए ताकि मजदूरों को काम करने में असुविधा न हो और कार्य की प्रगति प्रभावित न हो।
गुरुवार को सिंहस्थ मेला अधिकारी (संभागायुक्त) आशीष सिंह ने मेला कार्यालय में विभिन्न विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दो-टूक निर्देश दिए कि सिंहस्थ के सभी प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता सर्वोपरि होनी चाहिए और इन्हें तय समय सीमा में हर हाल में पूरा किया जाए। बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, विशेष कर्तव्य अधिकारी गोपाल डाड और डीआईजी नवनीत भसीन भी मौजूद थे।
प्रमुख ब्रिज निर्माण की स्थिति
लालपुल आरओबी: रेलवे की ओर से पाइल का कार्य शुरू हो गया है।
वाकणकर ब्रिज: 49 प्रतिशत कार्य पूर्ण।
तपोभूमि-हामूखेड़ी: 35 प्रतिशत कार्य पूरा, मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य।
शिप्रा का छोटा पुल: इसे 30 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है, 15-15 मीटर के दो हिस्सों में काम जारी है।
अन्य कार्य: मक्सी रोड आईटी आरओबी में 45 पाइल का काम पूरा, गैस पाइपलाइन शिफ्टिंग के बाद काम में और तेजी आएगी।
आगामी पंचक्रोशी यात्रा को देखते हुए कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कहा कि यात्रा मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई परेशानी न हो। विशेष रूप से काल भैरव मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए तेजी से कार्य करने को कहा गया है।
बैठक में सदावल स्थित निर्माणाधीन हेलीपैड की एप्रोच रोड, बड़ा पुल से रणजीत हनुमान, नागझिरी से दताना और मंगलनाथ से चककमेड तक की सड़कों की मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए गए।
अधिकारियों के कड़े निर्देश
विभागों के बीच समन्वय की कमी न रहे। जहाँ भी दूसरे विभाग के सहयोग की आवश्यकता हो, तुरंत अवगत कराएं। गुणवत्ता की मॉनिटरिंग खुद अधिकारी मौके पर जाकर करें।
– आशीष सिंह,
मेला अधिकारी
पंचक्रोशी यात्रा 12 अप्रैल से, प्रशासन ने शुरू की तैयारी
8 पड़ाव स्थलों पर चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देश
उज्जैन। आस्था और श्रद्धा की प्रतीक 118 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी यात्रा 12 से 16 अप्रैल 2026 होगी। 5 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए बुधवार को जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट ने अधिकारियों की बैठक ली।
यह यात्रा नगर निगम उज्जैन के साथ-साथ दो जनपद पंचायतों (उज्जैन एवं घट्टिया) से होकर गुजरती है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए 8 मुख्य पड़ाव और उप-पड़ाव स्थल निर्धारित किए गए हैं। जनपद पंचायत उज्जैन के तहत उण्डासा, पिंगलेश्वर, नलवा एवं करोहन और जनपद पंचायत घट्टिया के तहत पढ़ाव स्थल अम्बोदिया, कालियादेह, जैथल एवं सोड़ंग पर व्यवस्थाएं बनाने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को यात्रा मार्ग और पड़ाव स्थलों पर टेंट, प्रकाश और मोबाइल शौचालय, साफ-सफाई, पुताई, लेखन कार्य और भूमि समतलीकरण तथा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि आगामी दिनों में कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संपूर्ण यात्रा मार्ग और पड़ाव स्थलों का मौका मुआयना किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों को अपनी तैयारियां समय सीमा में पूर्ण रखने के निर्देश दिए गए हैं।









