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उज्जैन की वृंदा दो लोगों की जिंदगी में उजियारा कर गई

इंदौर के स्कूल में कार्डियेक अरेस्ट से दम तोड़ा था…

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उज्जैन। इंदौर के एक निजी स्कूल में 11 वीं की छात्रा वृंदा त्रिपाठी की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। उज्जैन की निवासी वृंदा बीते 3-4 वर्ष से इंदौर में मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। अपनी मौत के बाद वृंदा दो लोगों की जिंदगी में उजियारा कर गई। छात्रा की कार्डियक अरेस्ट से मौत के बाद परिजन ने उसकी आंखें डोनेट की हैं।

वृंदा त्रिपाठी फिजिकल एजुकेशन की छात्रा थी। दोपहर को अपनी सहपाठियों के साथ क्लास से निकल रही थी, तभी वह गश खाकर गिर गई। उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्कूल के सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि बीते बुधवार को दोपहर करीब 12 बजे छात्रा वृंदा त्रिपाठी क्लास से निकलने के बाद वह 25 मीटर भी नहीं चल सकी। इंदौर में ठंड चरम पर थी। दिन का तापमान सामान्य से 5 डिग्री कम था।

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बताया गया कि उसने कुछ देर पहले ही सेव-परमल खाए थे। इसके बाद कड़ाके की सर्दी में उसे हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद टीचर सचिन तायड़े और स्कूल के कर्मचारी 10 मिनट के अंदर ही छात्रा को लेकर नजदीक के आदित्य नर्सिंग होम पहुंचे। यहां डॉक्टर ने जांच करते ही कह दिया कि बच्ची की मौत हो चुकी है। परिजनों ने बताया कि वृंदा को कोई बीमारी नहीं थी। उसके टीचरों का कहना है कि वह फिजिकल एजुकेशन की छात्रा थी, अपनी हेल्थ के लिए काफी सजग थी।

पिता की भी दोनों किडनियां खराब

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वृंदा त्रिपाठी मूल रूप से उज्जैन की रहने वाली थी। इंदौर के उषा नगर में अपने मामा जयेश शर्मा के यहां रहकर पढ़ाई कर रही थी। वृंदा पढऩे में काफी होनहार थी तथा स्कूल में हर एक्टिविटी में आगे रहती थी। उसके परिवार में पिता रविशेखर त्रिपाठी, मां और छोटा भाई (11) है। पिता की लंबे समय से दोनों किडनियां खराब है तथा वे अस्वस्थ है। वृंदा के परिजनों ने उसके पोस्टमार्टम कराने के साथ नेत्र दान करने की बात कही। इस पर मुस्कान ग्रुप इंदौर के जीतू बगानी, संदीपन आर्य, लक्की खत्री व अनिल गोरे ने समन्वय किया और उसकी आंखें डोनेट की गई। गुरुवार को उसका शव उज्जैन लाया गया जहां चक्रतीर्थ मुक्तिधाम पर उसका अंतिम संस्कार हुआ।

शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट ही

उधर, वृंदा की विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी आना बाकी है। सूत्रों के मुताबिक शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह सर्दी के कारण कार्डियक अरेस्ट आना ही पाया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक कड़ाके की सर्दी में कार्डियक अरेस्ट का खतरा 31 प्रतिशत बढ़ जाता है। ऐसे में बुजुर्गों को कार्डियक अरेस्ट का खतरा तो रहता ही है लेकिन अब इम्युनिटी कम होने से युवा भी इसका तेजी से शिकार हो रहे हैं। दरअसल, शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है। सर्दी में हार्ट की धमनियां 50 प्रतिशत संकरी हो जाती है इससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है। सर्दी में लोग पानी भी कम पीते हैं तो डिहाइड्रेशन से भी क्लाटिंग की आशंका बढ़ जाती है।

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