Monday, January 30, 2023
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करोड़ों का बजट, पर्याप्त स्टाफ और संसाधन फिर भी नहीं उठ रहा कचरा

ग्लोबल के कर्मचारी करते है मनमानी, कई दिनों तक नहीं आते

उज्जैन। शहर में कचरा उठाने का पैसा देने के बावजूद लोग जिल्लत झेल रहे हैं, क्योंकि कई कॉलोनी-मोहल्लों में कचरा वाहन आने का समय तय नहीं है।

आलम यह है कि कभी सुबह 9 बजे गाड़ी आती है तो कभी दोपहर में। कई बार दो-दो दिन तक गाड़ी नहीं आती है, तो कभी गाड़ी आकर कब निकल जाती है, लोगों को इसका पता ही नहीं चलता।

खास बात यह है कि नगर निगम द्वारा हर गाड़ी रूट और समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद भी कचरा कलेक्शन व्यवस्था कारगर नहीं हो रही है।

वर्तमान में शहर के 54 वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वाहनों की संख्या 70 हो चुकी है। आए दिन वार्डों से लगातार शिकायतें सामने आ रही है कि कई बार दो-दो दिन तक गाड़ी नहीं आती है, तो कभी गाड़ी आकर कब निकल जाती है, लोगों को इसका पता ही नहीं चलता। जो ग्लोबल वेस्ट के अफसरों की अनदेखी का ही परीणाम है।

गाड़ी का समय निर्धारित नहीं: शहर में कचरा गाड़ी आती तो लेकिन कई बार यह समय पर नहीं पहुंच पाती है। इसका कोई निर्धारित समय नहीं है। इससे नागरिकों को परेशानी हो रही है। इसके अलावा कई बार कचरा गाड़ी आती भी नहीं हैं। ऐेसे में नागरिक यहां वहां कचरा फेकनें को मजबूर हैं।

ढंकते नहीं कचरा गाड़ी: शहर में चलने वाली कचरा गाड़ी को ढंका भी नहीं जा रहा है। इससे कचरा कई बार सड़कों में फैलता है। यदि महानगरों की तर्ज में शहर में कचरा गाड़ी कचरे का उठाव कर रही है तो उसे ढंका भी जाना चाहिए।

खड़े रहते है हेल्पर: कचरा वाहन के साथ चलने वाले हेल्परों की ड्यूटी है कि वो लोगों से गीला-सूखा कचरा अलग-अलग लेकर गाड़ी में डालें, मगर ऐसा नहीं किया जाता। वे खड़े-खड़े देखते रहते हैं। इतना ही नहीं, वे लोगों से हुज्जत अलग करते हैं।

इनका कहना है: इस संबंध में ग्लोबल वेस्ट कंपनी के अधिकारियों को अल्टीमेटम दे दिया गया है। इसके बाद भी यदि वे समय और कचरा कलेक्शन में लापरवाही बरत रहे हैं तो उनके खिलाफ पैनल्टी लगाई जाएगी।
– आदित्य नागर, अपर आयुक्त नगर निगम उज्जैन

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