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काम की खबर : विक्रम के ये 3 कोर्स दिलाएंगे सीधे नौकरी, उम्र और भाषा का बंधन नहीं

समाजशास्त्र अध्ययनशाला से अस्पताल, स्कूल और सोशल सेक्टर में करियर बनाने का सुनहरा मौका

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उज्जैन। भारी-भरकम डिग्रियां हासिल करने के बाद रोजगार के लिए भटक रहे युवाओं के लिए यह खबर राहत भरी है। विक्रम विश्वविद्यालय की समाजशास्त्र अध्ययनशाला तीन ऐस जॉब ओरिएंटेड कोर्स संचालित कर रही है, जिन्हें पूरा करने के बाद नौकरी के अवसर मिल सकते हैं।

गाइडेंस एंड काउंसलिंग (एक वर्षीय डिप्लोमा)

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मानसिक स्वास्थ्य और सही मार्गदर्शन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए यह कोर्स डिजाइन किया गया है।

कहां रहेगा मौके- सरकारी अस्पताल और बड़े निजी अस्पतालों में सीधे रोजगार के अवसर मिलते हैं।

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स्कूलों में अनिवार्य- विद्यालयों में बच्चों की मानसिक काउंसलिंग में पेशेवर काउंसलर्स की मांग तेजी से बढऩे के कारण यह कोर्स लोकप्रिय हो रहा है।

खुद का काम- कोर्स करने के बाद युवा स्वयं भी काउंसलिंग सेंटर खोल सकते हैं।

फैमिली एंड मैरिज गाइडेंस (छह माह का सर्टिफिकेट कोर्स)
वर्तमान सामाजिक परिवेश में वैवाहिक संबंधों के असफल होने और पारिवारिक बिखराव के मामले बढ़े हैं। ऐसे दौर में यह कोर्स काफी उपयोगी है। यह कोर्स ऐसे पेशेवर तैयार करता है जो काउंसलिंग के जरिए टूटते परिवारों को बचाते हैं। इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।

मास्टर इन सोशल वर्क
(दो वर्षीय डिग्री)

पे शेवर सामाजिक कार्यकर्ता तैयार करने के उद्देश्य से यह दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स संचालित किया जा रहा है। बड़े एनजीओ, सरकारी सामाजिक परियोजनाओं और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) विभागों में बेहतरीन पैकेज पर नौकरियां मिलती हैं।

किसी भी उम्र में लें प्रवेश

कोर्स की खास बात यह है कि नई शिक्षा नीति के तहत इनमें प्रवेश की कोई उम्र या भाषा (हिंदी/अंग्रेजी) की कोई बाध्यता नहीं है। कोई भी स्नातक डिग्रीधारी किसी भी उम्र में तीनों कोर्सेज में प्रवेश ले सकता है। अधिक जानकारी या काउंसिलिंग के लिए विश्वविद्यालय कैंपस स्थित सुमन मानविकी भवन की समाजशास्त्र अध्ययनशाला में संपर्क किया जा सकता है।

इनका कहना
वर्तमान समय की जरूरतों को देखते हुए इन कोर्सेज को इस तरह डिजाइन किया गया है कि युवा डिग्री या सर्टिफिकेट लेते ही सीधे आत्मनिर्भर बन सके।
प्रो. ज्योति उपाध्याय, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र

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