कोर्ट से अनुमति मिली तो जून में ही हो पाएगी राज्य सेवा 2025 की मेंस, यानी एक साल लेट

मार्च में कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना, पिछले साल 9 से 14 जून तक होना थी परीक्षा

इंदौर। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा-2025 अब मई अंत या जून में ही हो पाएगी। वह भी तभी संभव होगा, जब कोर्ट की तरफ से पीएससी को इसके लिए अनुमति मिल जाए। फिलहाल तो 26 फरवरी को प्रस्तावित सुनवाई फिर टल गई। जबलपुर हाई कोर्ट की लिस्टिंग में यह केस आया ही नहीं। मार्च में फिर सुनवाई होने की संभावना है। इस दौरान अगर पीएससी को अपना पक्ष रखने का मौका मिला और कोर्ट उसके तों से सहमत हुआ तो ही मेंस की अनुमति मिल पाएगी।
दरअसल, पिछले पांच माह से तो पीएससी को सिर्फ उस बात का ही इंतजार है कि कोर्ट में अपना पक्ष रखने का मौका मिल जाए। यह परीक्षा पिछले साल 9 से 14 जून के बीच होना थी, लेकिन प्री एग्जाम के परिणाम के खिलाफ लगी याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी थी। तब से यह परीक्षा रुकी हुई है। अगर मार्च में अनुमति मिलती भी है तो दो माह का समय तैयारी में लगेगा। यानी जून पहले सप्ताह में ही संभव है। ऐसे में मेंस पूरे एक साल लेट हो जाएगी।
4694 अभ्यर्थी वेटिंग में इनमें से कई प्री भी देंगे
राज्य सेवा परीक्षा 2025 के 158 के लिए कुल 4694 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। 87 फीसदी हिस्से में 3866 तथा 13त्न में 828 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। ये अभ्यर्थी पिछले नौ माह से नई तारीखों का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर 2026 की प्री में भी शामिल होंगे। वह 26 अप्रैल को होगी। यही नहीं, सितंबर माह में 2026 की राज्य सेवा मेंस भी होना है। अब बड़ा सवाल यही है कि अगर इनमें से कुछ अभ्यर्थी 2026 की प्री भी क्वालीफाई करते हैं तो वे कौन सी मेंस की तैयारी करेंगे?
चयन सूची आने की स्थिति बदली
2019 के पहले तक राज्य सेवा परीक्षाओं की चयन सूची में अधिकतम एक साल का समय लगता था, लेकिन 2019 की सूची तीन साल बाद आई थी। 2021 की चयन सूची जून 2024 में आई और 2022 की चयन सूची फरवरी 2025 में आई। 2020 की चयन सूची भी दो साल देरी से 6 फरवरी 2023 को आई। 2023 की सूची 8 नवंबर 2025 को जारी हो पाई। 2024 की सूची भी 6 माह लेट आई।
प्री में 1.33 लाख अभ्यर्थी बैठेंगे
26 अप्रैल को प्रस्तावित 2026 की प्री परीक्षा में कुल 1 लाख 33 हजार अभ्यर्थी बैठेंगे। इस बार परीक्षा इंदौर सहित प्रदेश के 54 जिलों में होगी। एडमिट कार्ड अप्रैल में ही जारी होंगे।









