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चाक चौबंद व्यवस्था, भक्तों के लिए अलग-अलग द्वार तय…

नववर्ष 2024 : महाकाल मंदिर में चलित भस्म आरती नि:शुल्क

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:वर्ष 2023 के विदा होने में चंद घंटे का समय शेष है। नववर्ष २०२४ के स्वागत के लिए काउंटडाउन शुरू हो गया है। नए साल के पहले दो दिन यानी १-२ जनवरी को लाखों श्रद्धालुओं के महाकाल मंदिर पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा मंदिर की प्रवेश व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया है। मंदिर में 250 रुपए देकर शीघ्र दर्शन व्यवस्था बंद रहेगी। श्रद्धालुओं को चलित भस्म आरती दर्शन कराए जाएंगे, व्यवस्था 5 जनवरी नि:शुल्क तक रहेगी। महाकाल के दर्शन के लिए साल के अंतिम दिन व नए साल की दर्शन व्यवस्था तय कर दी गई है।

महाकाल मंदिर में देशभर के भक्तों के आने का सिलसिला दिसम्बर के अंतिम सप्ताह से ही शुरू हो गया था। इधर मंदिर प्रशासन ने साल के अंतिम दिन और नए वर्ष के पहले दिन मंदिर आने वाले भक्तों को सुविधा पूर्वक दर्शन कराने की व्यवस्था कर ली है।

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खास बात यह है कि इस बार महाकाल महालोक देखने के लिए अलग से कतार की व्यवस्था रहेगी। जिन दर्शनार्थियों को केवल श्री महाकाल महालोक देखना है, वे चारधाम मंदिर से पृथक लाइन में प्रवेश कर पिनाकी द्वार से प्रवेश करेंगे। पश्चात इसी द्वार से वे बाहर प्रस्थान करेंगे। भक्तों की सुविधा के लिए बड़े गणेश से हरसिद्ध चौराहा वाले मागज़् पर प्रसाद काउंटर लगाए जाएंगे। चारधाम मंदिर पार्किंग स्थल से शक्तिपथ, त्रिवेणी मंडपम से मानसरोवर भवन तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टेंट एवं मेटिंग व्यवस्था की गई है।

नंदी हाल बंद रहेगा

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महाकाल मंदिर में 31 दिसम्बर और 1 जनवरी को सामान्य जनों के लिए शीघ्र दर्शन 250 वाली टिकट व्यवस्था बंद रहेगी। केवल प्रोटोकाल से आने वाले वीआईपी को शीघ्र दर्शन टिकट की सुविधा रहेगी। इसी तरह नंदी हाल भी दोनो दिन बंद रहेगा। केवल मोस्ट वीवीआईपी को ही नंदी हाल से दर्शन की अनुमति रहेगी। भीड़ अधिक होने से आगे भी यही व्यवस्था लागू रहेगी।

दर्शन के बाद निर्गम द्वार

सामान्य दर्शनार्थी दर्शन उपरांत आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर की ओर बड़ा गणेश मंदिर के समीप होते हुए हरसिद्धि मंदिर तिराहा और पुन: चारधाम मंदिर पहुंचकर चरण पादुका लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे।

दिव्यांगजन, बुजुर्ग को अवंतिका द्वार से प्रवेश

महाकाल दर्शन करने आने वाले बुजुर्ग एवं दिव्यांगों के लिए मंदिर के प्रशासनिक भवन के सामने स्थित अवंतिका द्वार गेट नंबर एक से प्रवेश की व्यवस्था है। दर्शन के बाद लौटकर इसी मार्ग से बाहर निकलेंगे।

चलायमान भस्म आरती दर्शन

नए साल में अधिक भक्तों को भगवान महाकाल की भस्म आरती दर्शन का लाभ मिल सके, इसलिए चलायमान दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। श्रद्धालुओं की अधिक संख्या होने पर कार्तिकेय मंडप रिक्त रखा जाएगा, जहां से चलित भस्म आरती की दर्शन व्यवस्था की जाएगी।

पूछताछ व सहायता केन्द्र

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मन्दिर परिक्षेत्र के चारों ओर चयनित स्थानों पर पूछताछ व सहायता केन्द्र स्थापित किए है। वहीं सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए मन्दिर परिक्षेत्र, सम्पूर्ण दर्शन मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। कंट्रोल रूम में सीसीटीवी सवेर्लेंस एवं एलईडी के माध्यम से सतत निरीक्षण कर व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। महाकाल मंदिर परिसर के आसपास और शहर के कई प्रमूख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है।

पार्किंग स्थल से बस सेवा

बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग कर्कराज पार्किंग, भील समाज धर्मशाला, कलोता समाज धर्मशाला पर है। इसी तरह इन्दौर रोड से आने वाले वाहनों के लिए रूद्राक्ष होटल के दांहिनी ओर, शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय तिराहे पर हाउसिंग बोर्ड का मैदान, हरिफाटक ब्रिज के नीचे हाट बाजार, मेघदूत पार्किंग, इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान एवं प्रशांतिधाम पर पार्किंग व्यवस्था की है। इन पार्किंग स्थलों से बस सेवा उपलब्ध कराई गई है।

वीआईपी व मीडिया का प्रवेश

नए साल में वीआईपी, वीवीआईपी, मीडिया की इंट्री बेगमबाग के वीआईपी गेट से रहेगी। वीआईपी गेट के समीप ही बने पार्किंग पर अपने वाहन पार्क करेंगे। यहां से श्री महाकाल लोक कंट्रोल रूम, शंख द्वार, निर्माल्य द्वार से प्रवेश कर सूर्यमुखी द्वार होते हुए सभा मण्डप की छत से होते हुए नन्दी मण्डपम व गणेश मण्डपम से भगवान श्री महाकाल के दर्शन कर इसी मार्ग से पुन: बाहर की ओर प्रस्थान करेंगे। वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए मानसरोवर भवन में जूता स्टेण्ड स्थापित किया जाएगा।

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