चौराहों पर बाल भिक्षुक की तलाश में पहुंची टीम बच्चों से भीख मंगवाई तो होगी 5 साल की जेल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। जिले को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान सोमवार से शुरू हो गया। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों और सिग्नलों पर घूमकर भिक्षावृत्ति और सड़कों पर व्यापार में लगे बच्चों के परिजनों को कानून का पाठ पढ़ाया।
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भ्रमण के दौरान टीम को कई ऐसे परिवार मिले जो राजस्थान से आकर सिग्नल चौराहों पर खिलौने और सफाई वाइपर बेचने का कार्य कर रहे थे। टीम ने इन परिजनों को सख्त लहजे में समझाया कि बच्चों को जोखिम भरे चौराहों पर साथ न रखें। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के हाथ में खिलौने बेचने के सामान के बजाय कलम और किताबें होनी चाहिए। उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए प्रेरित किया गया।
टीम ने कठोर वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी
टीम ने परिजनों और आमजन को किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा-76 के प्रावधानों से अवगत कराया। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति किसी बच्चे को भीख मांगने के काम में लगाता है, तो उसे 5 वर्ष तक का कारावास हो सकता है। दोषी पाए जाने पर 1 लाख रुपए के आर्थिक दंड का भी प्रावधान है।
आमजन से अपील-डायल करें 1098
कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा यदि कहीं भी कोई बच्चा भिक्षावृत्ति करता दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें। अभियान में संरक्षण अधिकारी अमृता सोनी, विधि अधिकारी प्रियंका त्रिपाठी, सामाजिक कार्यकर्ता गौरव मित्तल, संतोष पवार, परामर्शदाता मृणाल भिलाला और प्रधान आरक्षक अवधेश सिंह गौर आदि शामिल हैं।










