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डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने का लिया संकल्प

उज्जैन। स्त्री को अपने आपको समाज का एक उपयोगी अंग एवं कर्मठ सदस्य समझना चाहिए। उसे कोई भी कार्य केवल निजी स्वार्थ अथवा परिवार की लाभ की दृष्टि से ही नहीं करना चाहिए वरन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह समाज की दृष्टि से भी उपयोगी है या नहीं। इसी भाव की वृद्धि के लिए यह प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। ये विचार शकुंतला साहू दीदी टोली नायक शांतिकुंज हरिद्वार ने गायत्री शक्तिपीठ उज्जैन पर चल रहे पांच दिवसीय महिला प्रशिक्षण सत्र के समापन सत्र में व्यक्त किए।

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मुख्य अतिथि निगम सभापति कलावती यादव थी। प्रशिक्षणार्थियों ने संकल्प लिया कि हम यहां से प्राप्त ज्ञान को समाज में बांटने के लिए कल का इंतजार नहीं करेंगे, आज से ही इस कार्य में जुट जाएंगे। पर्व त्योहारों की प्रगतिशील प्रेरणाओं के साथ मनाने का प्रचलन करेंगे। जहां भी नारी शक्ति एकत्र होगी वहां मां अन्नपूर्णा का सम्मान करते हुए जूठन न छोडऩे तथा घरों में किसी भी प्रकार के डिस्पोजल बर्तनों का प्रयोग न करने का भी संकल्प लिया गया।

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