Wednesday, November 29, 2023
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तराना में हो सकती है योगी की सभा, विस्तृत कार्यक्रम आना शेष

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अगले हफ्ते मध्यप्रदेश दौरे पर आएंगे

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मध्यप्रदेश में दो दिन के दौरे पर आ रहे हैं। वे सभाओं के माध्यम से भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार करेंगे। उज्जैन के तराना विधानसभा क्षेत्र में भी उनका आना तकरीबन तय हो गया है। जल्द ही विस्तृत कार्यक्रम सामने आएगा।

प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है। प्रचार के लिए अब राजनीतिक दलों के पास गिनती के दस दिन ही बचे हैं। इसमें भी दीपावली का त्योहार होने से लोगों का रुझान चुनाव की तरफ कम होगा। भाजपा ने प्रदेश में प्रचार पर जोर फूंकने के लिए सीएम योगी को 7 और 8 नवंबर को मध्यप्रदेश दौरे पर भेजने का निर्णय लिया है। इसी दौरान वे तराना में चुनावी सभा लेंगे।

इसमें वे तराना सहित भाजपा उम्मीदवारों के लिए जनता से वोट मांगेंगे। वर्तमान में यह सीट कांग्रेस के कब्जे में है। कांग्रेस से विधायक महेश परमार विधायक हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा के अनिल फिरोजिया को शिकस्त दी थी। इस कारण भाजपा इस हार का बदला लेने की तैयारी में है।

पार्टी ने इस बार पूर्व विधायक ताराचंद गोयल को टिकट दिया है। तराना विधानसभा सीट पर 174462 मतदाता थे। कांग्रेस उम्मीदवार महेश परमार 67778 वोट से जीते थे। बीजेपी उम्मीदवार अनिल फिरोजिया को 65569 मतदाताओं ने वोट किया था। इस तरह वह केवल 2209 वोटों से चुनाव हार गए थे। इसलिए, पार्टी को उम्मीद है इस बार वह इस अंतर को पाट दे तो सीट वापस उसके कब्जे में आ जाएगी।

2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार फिरोजिया ने बड़ी जीत हासिल की थी। उन्हें 64792 मतदाताओं का समर्थन मिला था। इस सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र राधाकिशन मालवीय को 48657 वोट मिल पाए थे और वह 16135 वोटों के अंतर से हार गए थे। 2008 में तराना से भाजपा उम्मीदवार रोडमल राठौर 49220 वोट हासिल कर विधानसभा पहुंचे थे।

तब कांग्रेस प्रत्याशी बाबूलाल मालवीय दूसरे नंबर पर रह गए थे। उन्हें 37159 वोटरों का ही समर्थन मिल पाया था। वे 12061 वोटों से चुनाव में पिछड़ गए थे। इस समीकरण के मद्देनजर भाजपा ने अपनी कमियों को सुधारने का प्रयास किया है। उसने माना है कि पिछले चुनाव में कांग्रेस को हल्के में लिया था। इस कारण इस बार योगी की सभा से दोबारा जीत का परचम लहराने की कोई कोशिश नहीं छोड़ी जा रही।

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