नगर निगम कर्मचारी गृह निर्माण मंडल जमीन मामले में जांच के आदेश

औने-पौने दामों पर दूसरी संस्था के जमीन बेचने का आरोप
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नगर निगम कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित की उंडासा रोड की जमीन दूसरी संस्था को बेचने के मामले में सहकारिता विभाग के संयुक्त आयुक्त ने जांच के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने उपायुक्त सहकारिता को जांच के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता हेमंतकुमार दिल्लीवाल ने बताया कि नगर निगम कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था का 1980 में गठन हुआ है।
इसके बाद रणकेश्वर महादेव एमआर 10 पर 1985 में 54 बीघा और इसके करीब 7-8 साल बाद उंडासा रोड पर सेंटपाल स्कूल के आगे (पाण्डयाखेड़ी बी सेक्टर) में 26 बीघा जमीन खरीदी। संस्था के कर्ताधर्ताओं ने 26 बीघा में 175 प्लॉट काटे। इसी बीच कर्ताधर्ताओं ने ये जमीन संस्था सदस्यों को देने के बाद बजाय कालोनाइजर और उस पर श्रीकृष्ण ड्रीम नाम से कॉलोनी का दी गई।
इस पूरे मामले की शिकायत समिति सदस्य हेमंत कुमार दिल्लीवाल ने रजिस्ट्रार, कलेक्टर, ईओडब्ल्यू में भी की। जांच में भी मामला मिलीभगत का निकला और रफादफा हो गया। हेमत कुमार ने बताया कि इस मामले में वे ईओडब्ल्यू के खातमे के साथ कोर्ट में गए और मामला अपर सत्र न्यायालय में विचाराधीन। दूसरी पार्टी के नंदू शर्मा भी इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जा चुके हैं। हेमंत कुमार का कहना है नियमानुसार एक सोसायटी दूसरी को जमीन तब तक नहीं बेच सकती, तब तक आयुक्त पंजीयक भोपाल की एनओसी न हो। इसके बाद भी यहां जमीनों के सौदें हो गए हैं। इस कारण अब विवादपूर्ण स्थिति बन रही है। इसी मामले में न्यायालय के आदेश पर उपायुक्त सहाकारिता ने उपायुक्त सहकारिता को जांच क आदेश दिए हैं।










