नेशनल हाई-वे से जुड़ी जमीनों की गाइडलाइन 100 फीसदी से ज्यादा बढ़ी, स्टेट हाई-वे की 50 फीसदी

प्रधानमंत्री सड़क योजना के करीब वाली जमीन को भी 20 फीसदी का फायदा
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उज्जैन। संपत्तिकर मूल्यांकन की नई गाइडलाइन बुधवार से जिले में लागू हो गई। इसमें सबसे ज्यादा फायदा नेशनल हाईवे से जुड़ी या उसके करीब की जमीनों को हुआ है। यहां गाइड लाइन 100 फीसदी या उससे ज्यादा बढ़ाई गई है। स्टेट हाई-वे से लगी जमीनों को भी फायदा हुआ है और यहां की जमीन में ५० फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है। गांवों को जोडऩे वाली प्रधानमंत्री सड़क योजना के करीब जमीन रखने वालों को भी फायदा हुआ है और उनकी गाइड लाइन 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है।
उज्जैन में शहरी क्षेत्रों में संपत्तिकर की गाइड लाइन औसतन 10 फीसदी तक बढ़ी है। गाइड लाइन बढ़ाने का सबसे ज्यादा फायदा देवास-बदनावर नेशनल हाईवे और गरोठ-उज्जैन नेशनल हाईवे के पास जमीन रखने वालों को हुआ है। यहां गाइड लाइन 100 फीसदी या उससे ज्यादा बढ़ी है।ऐसे में इन क्षेत्रों में जमीन की कीमत में और इजाफा हुआ है। शहर से सटे शिप्रा पार की हाटकेश्वर कॉलोनी, जीवनखेड़ी, सांवराखेड़ी, सिंकदरी, चिंतामन जवासिया की गाइड लाइन भी 100 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। गरोठ- उज्जैन नेशनल हाईवे के कारण आगर रोड और इसे पर बसे गांवों की जमीन की गाइड लाइन भी काफी बढ़ी है।
गाइड लाइन बढऩे से ग्राहकों को क्या फायदा और क्या नुकसान
गाइडलाइन बढऩे का सबसे ज्यादा शिप्रा पार बसी नई कॉलोनियों और आगर रोड की कॉलोनियों को हुआ है। इन इलाकों की गाइड लाइन अब तक कम रहने से बैंक फाइनेंस में काफी दिक्कत होती थी। हालांकि यहां जमीन के वास्तविक मूल्य काफी ज्यादा थे। गाइडलाइन 100 फीसदी या ज्यादा बढऩे का लाभ अब कस्टमर को ज्यादा फाइनेंस हासिल करने के रूप में होगा। हालांकि गाइडलाइन बढऩे से रजिस्ट्री की लागत बढ़ जाएगी। संपत्ति मामलों के जानकार अभिभाषक सुदर्शन लड्ढा कहते हैं कि शासन ने 15 से 100 फीसदी तक की गाइड लाइन बढ़ाई है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ेगा। प्रॉपर्टी महंगी होगी और खरीददार को ज्यादा कीमत चुकानी होगी।
स्टाम्प शुल्क में कोई वृद्धि नहीं
लड्ढा कहते हैं कि राहत की बात यह है कि संपत्ति की गाइड लाइन बढ़ी है, लेकिन स्टाम्प शुल्क यथावत है। कृषि भूमि पर 6.50 फीसदी और रजिस्ट्रेशन फीस 3 फीसदी है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में स्टाम्प ड्यूटी 9.50 और रजिस्ट्रेशन फीस 3 फीसदी ही है।
पुराने भवन की निर्माण लागत में भी कमी
नई गाइड लाइन में पुराने आवासीय भवन की खरीदी करने पर उसकी निर्माण लागत मौजूदा लागत से घटाई गई है। यह इस प्रकार है।
नई गाइड लाइन लागू हो गई है: 1 अप्रैल से नई गाइड लाइन लागू हो गई है। औसत 17.56 फीसदी की वृद्धि की गई है।
ऋतुंभरा द्विवेदी, सीनियर रजिस्ट्रार
| अवधि | कमी (%) |
|---|---|
| 10-20 साल पुराने | 10% |
| 20 से 25 साल | 15% |
| 25 से 30 साल | 20% |
| 30 से 35 साल | 25% |
| 35 से 40 साल | 30% |
| 40 से 45 साल | 35% |
| 45 से 50 साल | 40% |
| 50 से 55 साल | 45% |
| 55 वर्ष से अधिक | 50% |









